Bundelkhand: फरवरी में ही आग उगलने लगा सूरज, पारा 30 डिग्री के पार, गेहूं की फसल पर मंडरा रहा संकट
बुंदेलखंड में एकदम से मौसम के बदलाव के बाद किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आने लगी हैं। तेज धूप से जहां चने की फसल को फायदा बताया जा रहा तो गेहूं की फसल को इसमें काफी नुकसान हो सकता है।

Sagar मौसम में बदलाव और गर्मी के आने की आहट नजर आने लगी हैं। फरवरी के दूसरे हफ्ते में बुंदेलखंड इलाके में एकदम से पारा उछलने लगा है। चंद रोज में पारा 8 से 10 डिग्री तक उछल गया है। दिन का तापमान 28 से 30 डिग्री को छू रहा है। धूप की तपिश अब महसूस होने लगी है, तो दूसरी तरफ रात में हल्की ठंड अभी बरकरार है। मौसम के बदलाव का खेती-किसानी पर सीधा असर पड़ता है। इस कारण इलाके में तेज धूप से गेहूं की फसल प्रभावित होने का खतरा मंडराने लगा है।
बुंदेलखंड इलाके में सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ सहित संभाग के अन्य जिलों में पारा लगातार बढ़ रहा है। एकदम से बढ़ते पारे से सरसों, चना और मटर की फसल के लिए मौसम अनुकूल बताया जा रहा है, लेकिन गेहूं की फसल को इससे काफी नुकसान हो रहा है। किसान रामबाबू ठाकुर के अनुसार इस मौसम में गेहूं की बालियों में रस बनता है, लेकिन तेज धूप के कारण दाने सूखने लगेंगे। इस कारण बड़े स्तर पर नुकसान हो सकता है।
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मौसम के जानकार गोविंद राय के अनुसार अब सर्दी का दौर नहीं लौटेगा और धूप की तपिश रोजाना बढ़ते क्रम में होगी, हालांकि रात में हल्की ठंडक बरकरार रहेगी। गोविंद राय के अनुसार गर्मी की शुरुआत हो गई है, ऐसा मानकर चलना चाहिए।












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