Sagar: यहां लगातार टूट रही कांग्रेस, एक को कमलनाथ ने हटाया, दूसरे जिलाध्यक्ष ने खुद दिया इस्तीफा
बुंदेलखंड का इलाका धीरे-धीरे कांग्रेस मुक्त जैसा नजर आने लगा है। राहुल गांधी जब देश को एक सूत्र में पिरोनो और कांग्रेस को पुनर्जीवित करने के लिए भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हैं, ऐसे में सागर जिला और बुंदेलखंड में लगातार कांग्रेस टूट रही है। बीते दिनों कमलनाथ के खासमखास और कद्दावर पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। इधर लगातार चुनावों में हार के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष रेखा चौधरी को बीते महीने पद से हटा दिया था, तो अब जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष स्वदेश जैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

मप्र के सागर में कांग्रेस पर नेतृत्व का संकट गहराता जा रहा है। जिला ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष व उद्योगपति स्वदेश जैन गुड्डू ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा पीसीसी चीफ को भेज दिया है। बताया जाता है कि वे संगठन में ग्रामीण स्तर पर समय न दे पाने के कारण पद से खुद ही हटना चाहते थे। इधर पार्टी में कयास लगाए जा रहे हैं कि स्वदेश जैन खुद को ग्रामीण के बजाय खाली पड़े जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए प्रमोट कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने संगठन के सामने इच्छा भी जताई थी। वे शहर कांग्रेस में बतौर जिलाध्यक्ष बनकर काम करने के इच्छुक हैं। हालांकि यह निर्णय पार्टी संगठन को करना है।

रेखा चौधरी को कार्यकारिणी सहित पार्टी ने भंग कर दिया था
इधर जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष रेखा चौधरी को पार्टी हाईकमान ने पद से हटाते हुए पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया था। इसके बाद से वर्तमान में यह पद खाली ही पड़ा है। करीब एक महीना होने को आया, लेकिन नई नियुक्ति नहीं की गई। इस कारण शहर कांग्रेस के सारे कार्यक्रम और ठप्प पडे हैं। वह भी ऐसे दौर में जब ठीक एक साल बाद विधानसभा चुनाव होना है। इधर स्वदेश जैन के इस्तीफे से शहर और ग्रामीण कांग्रेस पर नेतृत्व का संकट नजर आने लगा है।
पूर्व विधायक के बाद कांग्रेस विहीन हो गई खुरई
बुंदेलखंड में भाजपा के कद्दावर मंत्री भूपेंद्र सिंह अघोषित रुप से कांग्रेस मुक्त सागर और कांग्रेस मुक्त बुंदेलखंड का अभियान चला रहे हैं। सागर जिले में देवरी को छोड़कर बाकी विधानसभा पर भाजपा का कब्जा हो चुका है, तो खुरई को पूरी तरह कांग्रेस मुक्त कर लिया गया है। दो महीने पहले तक इस इलाके में सबसे धाकड़ और कद्दावर पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे ने अपनी और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के आरोप लगाते हुए कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। उन पर पूर्व में हत्या, हत्या के प्रयास सहित कई आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। कार्यकर्ताओं पर भी पुलिस केस के बाद जेल तक जाना पड़ा, लेकिन पार्टी के किसी भी नेता, पदाधिकारी व संगठन ने उनका साथ नहीं दिया, इस कारण उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। उनके बाद खुरई में पार्टी का नाम लेने वाला तक नहीं बचा है। खुरई नगर पालिका, मालथौन, बांदरी, बरोदिया नगर परिषदों पर भाजपा का शत-प्रतिशत कब्जा हो गया है।












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