MP News By Election: बुधनी-विजयपुर उपचुनाव: बसपा ने नहीं उतारेगी उम्मीदवार, बीजेपी-कांग्रेस को अपनों से खतरा
25 अक्टूबर को बुधनी और विजयपुर उपचुनाव में नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है। इन दोनों सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस को अपने ही उम्मीदवारों से खतरा महसूस हो रहा है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने इस बार उपचुनाव में उम्मीदवार न उतारने का निर्णय लिया है।
बसपा का निर्णय
बसपा के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी का फोकस इस समय संगठन को मजबूत करने पर है।

उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों को उतारने पर विचार किया गया था, लेकिन नामों पर सहमति न बन पाने के कारण पार्टी ने दोनों सीटों पर चुनाव में न उतरने का फैसला किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि BSP की स्थिति अभी भी मजबूत है।
पिछले चुनावों में BSP की स्थिति
विजयपुर सीट पर, 2023 के विधानसभा चुनाव में BSP प्रत्याशी धारा सिंह कुशवाह को 34,346 वोट मिले थे। 2018 में बाबूलाल मेवरा ने 35,628 वोट प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहकर पार्टी की स्थिति को मजबूती दी थी।
दूसरी ओर, बुधनी विधानसभा सीट पर BSP के समर्थन से गौंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रत्याशी प्रहलाद चौरसिया को केवल 429 वोट मिले। 2018 के चुनाव में BSP प्रत्याशी संजीव कुमार ने 1,683 वोट हासिल कर पांचवे स्थान पर रहे थे।
बसपा की स्थिति
बुधनी विधानसभा सीट पर 2023 के विधानसभा चुनाव में बसपा के समर्थन से गौंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रत्याशी प्रहलाद चौरसिया को मात्र 429 वोट मिले थे। वहीं, 2018 के चुनाव में बसपा प्रत्याशी संजीव कुमार केवल 1,683 वोट लेकर पांचवे स्थान पर रहे थे। इस बार बसपा ने उपचुनाव में उम्मीदवार न उतारने का फैसला किया है, जिससे बीजेपी और कांग्रेस के लिए स्थिति और भी स्पष्ट हो गई है।
सपा-कांग्रेस के बीच दरार
इस बीच, बुधनी और विजयपुर उपचुनाव में सपा ने कांग्रेस से एक सीट देने की मांग की थी। जब कांग्रेस ने दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए, तो समाजवादी पार्टी ने बुधनी सीट पर कांग्रेस के बागी नेता अर्जुन आर्य को अपना प्रत्याशी बना दिया। यह घटनाक्रम दोनों पार्टियों के बीच की खाई को और गहरा करता है।












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