MP की राजनीति में मामा के बाद भाई की एंट्री, सीएम शिवराज के मामा फॉर्मूले से कमलनाथ का दर्द आया सामने
MP News: मध्यप्रदेश में चुनाव से पहले राजनीतिक लड़ाई मामा और भाई तक आ गई है। मामा के नाम से मशहूर शिवराज सिंह चौहान के सामने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने खुद को जनता का भाई बोलकर एमपी में चुनावी ताल ठोक दी है। वहीं आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल बोल रहे है कि मामा और भाई नहीं बल्कि एमपी रूपी परिवार को संभालने के लिए चाचा की जरूरत है।
बता दें कि इस बहस को हवा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दी हैं। भोपाल में सजे आज तक के पंचायत मंच में 15 सितंबर की रात पहुंचे कमलनाथ ने खुद को जनता का भाई बताया है।

इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे मध्य प्रदेश के वोटर्स पर विश्वास है। वो जानते हैं कि पिछले दफे उन्होंने कांग्रेस की सरकार बनवाई थी। कैसे सरकार गई। कैसे सौदा हुआ, आज के दिन एमपी का हर मतदाता ये बात जानता है। ये चुनाव कमलनाथ या कांग्रेस या बीजेपी का नहीं है। ये चुनाव मध्य प्रदेश के भविष्य का है। उन्होंने कहा कि मुझे किसी से बदला नहीं लेना, मुझे एमपी के लोगों के साथ न्याय करना है।
शिवराज सरकार की लाडली बहना समेत अन्य योजनाओं पर कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि कितने लोगों को इन्होंने 450 रुपये में सिलेंडर दिया है। सीएम शिवराज की घोषणा की मशीन डबल स्पीड पर चल रही है। एमपी का वोटर परिचित हैं कि जिसने हजारों घोषणाएं कर दीं। आज तो स्कूल में शिक्षक नहीं, अस्पताल में डॉक्टर नहीं, इन्होंने लाडली बहन 18 वर्ष बाद याद रखी। 4 महीने घोषणा करके आप सोचते हैं हमारी बहनें मूर्ख हैं। ये नहीं समझ रही हैं।












Click it and Unblock the Notifications