MP में लोकसभा के चुनाव परिणामों ने रचा इतिहास, सारे देश में हो रही मोहन यादव के करिश्मे की चर्चा

लोकसभा की 543 सीटों के लिए संपन्न चुनावों में मध्य प्रदेश की 29 सीटों के चुनाव परिणामों की गूंज पूरे भारत में सुनाई दे रही है। प्रदेश की सभी 29 सीटों पर भाजपा ने शानदार विजय हासिल की है, जिसका श्रेय स्वाभाविक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि गत वर्ष में संपन्न राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा की प्रचंड विजय के पश्चात भाजपा हाईकमान ने उन्हें मुख्यमंत्री मनोनीत करने का जो फैसला किया था उस फैसले का आधार यही था कि वे लोकसभा चुनावों में राज्य की 29 सीटों पर भाजपा की शानदार विजय सुनिश्चित करने में सफल होंगे। पार्टी हाईकमान की इस कसौटी पर मोहन यादव खरे उतरे हैं।

MP CM Mohan Yadav

राज्य की सभी 29 सीटों पर भाजपा ने जीत का परचम फहरा दिया है। इनमें छिंदवाड़ा की वह बहुचर्चित सीट भी शामिल है जिस पर एक उपचुनाव को छोड़कर बाकी किसी चुनाव में भाजपा जीत का स्वाद चखने में असफल रही थी। परन्तु मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी कुशल रणनीति, अद्भुत संगठन क्षमता और हर दिल अज़ीज़ शख्सियत के बल पर छिंदवाड़ा की हाईप्रोफाइल सीट के मतदाताओं को भी भाजपा के पक्ष में कर लिया।

निश्चित रूप से अपनी इस शानदार उपलब्धि के माध्यम से मोहन यादव ने यह साबित कर दिया है कि कठिन से कठिन चुनौती भी उनकी विलक्षण सूझ-बूझ और कुशल रणनीति और अतिशय विनम्रता के आगे कोई मायने नहीं रखती। यही कारण है कि विगत 6 माहों में उन पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा निरंतर मजबूत हुआ है और अब तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुड बुक्स में अपने लिए विशेष स्थान कर चुके हैं।

इन लोकसभा चुनावों में भाजपा ने मध्य प्रदेश में बहुत से उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित किए हैं जिनमें मुख्यमंत्री मोहन यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री यादव ने लोकसभा चुनावों की घोषणा के पूर्व ही जब सभी 29 सीटों पर भाजपा को विजय दिलाने का संकल्प लिया तब यह संदेह व्यक्त करने वालों की कमी नहीं थी कि कांग्रेस की परंपरागत छिंदवाड़ा सीट उनके संकल्प पूर्ति की राह में बाधा बन सकती है। परन्तु मुख्यमंत्री मोहन यादव को पूरा विश्वास था कि पार्टी के व्यापक जनाधार, मैदानी कार्यकर्ताओं की मेहनत, अपनी कुशल चुनावी रणनीति, पार्टी के स्थानीय नेतृत्व के बीच सामंजस्य और इन सबसे ऊपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की करिश्माई लोकप्रियता के बल पर भाजपा इस बार छिंदवाड़ा का किला भी फतह कर लेने में कामयाब हो जाएगी।

पूरे चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री के इस आत्मविश्वास में कभी अंश मात्र कमी भी नजर नहीं आई और 4 जून को लोकसभा चुनावों के नतीजों की घोषणा ने मध्यप्रदेश में इतिहास रच दिया। यह ऐतिहासिक उपलब्धि निश्चित रूप से मुख्यमंत्री मोहन यादव के खाते में चमकदार अक्षरों में अंकित किए जाने योग्य है। यहां यह बात भी विशेष उल्लेखनीय है कि छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में हमेशा ही राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ का राजनीतिक वर्चस्व रहा है इसलिए कांग्रेस यह स्वप्न में भी नहीं सोच सकती थी कि इन चुनावों में छिंदवाड़ा भी उसके हाथ से निकल जाएगी।

छिंदवाड़ा के अलावा कांग्रेस के लिए इस बार प्रतिष्ठा की दूसरी सीट राजगढ़ लोकसभा सीट थी। जहां से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया था परन्तु उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह राजगढ़ में अपने चुनाव अभियान के दौरान मतदाताओं से भावुक अपील की थी कि यह उनके राजनीतिक जीवन का आखिरी चुनाव है परन्तु राजगढ़ सीट पर वे जीत दर्ज नहीं करा पाए। दूसरी ओर राज्य के एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा उम्मीदवार के रूप में विदिशा लोकसभा सीट आठ लाख से अधिक मतों से जीत हासिल कर दिया कि मुख्यमंत्री पद से निवृत्त हो जाने के बावजूद उनकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है।

अब यह संभावना व्यक्त की जा रही है कि शिवराज सिंह चौहान को केंद्र में जल्दी ही गठित होने जा रही मोदी सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी मिल सकती है। मध्यप्रदेश के इंदौर लोकसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार शंकर लालवानी ने 11 लाख से अधिक मतों से जीत हासिल कर सारे देश में सबसे ज्यादा मतों से जीत करने का कीर्तिमान बनाया है।

मध्यप्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की शानदार जीत से निःसंदेह मुख्यमंत्री मोहन यादव एक ऐसा लोकप्रिय चेहरा बनकर उभरे हैं जिसके पास पल में ही अपनी सहज सरल मुस्कान से मतदाताओं के साथ तादात्म्य स्थापित कर लेने की अद्भुत क्षमता है। चुनौती कितनी भी बड़ी हो, मोहन यादव उसे सहज रूप में स्वीकार करते हैं और अंत में विजेता बन कर उभरते हैं।

पूरे चुनाव के दौरान न तो उन्होंने शब्दों पर नियंत्रण खोया और न ही उनके विरोधी उन्हें उत्तेजित करने में सफल हो पाए। मोहन यादव पूरे प्राणपण से समर्पित भाव के साथ दिन रात पार्टी के चुनाव अभियान में जुटे रहे और उसका सुखद परिणाम सारे देश के सामने है। मध्यप्रदेश में भाजपा की शत प्रतिशत सफलता ने सारे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

नोट:- लेखक राजनैतिक विश्लेषक है.

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