MP में पुरानी भाजपा की हालत! निष्कासन के बाद आंखों से छलका दर्द, फफक कर रोये मंत्री के रिश्तेदार
Scindia Camp के मंत्री गोविंद राजपूत के कहने पर मंत्री भूपेंद्र सिंह के रिश्तेदार राजकुमार धानौरा को भाजपा ने छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। राजकुमार मीडिया के सामने आए तो कैमरे के सामने दर्द आंखों से छलक पड़ा। वे मीडिया के सामने फफक पड़े, इतना ही नहीं उन्होंने मंत्री गोविंद राजपूत व उनके परिजन से लेकर सिंधिया तक गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चंद रोज पहले आए कांग्रेस के दोगलों के कारण पार्टी ने 30 साल पुराने कार्यकर्ता को बाहर का रास्ता दिखाया है। मैं कहीं गलत भी नहीं हूं।

भाजपा में सिंधिया की एंट्री के बाद से भाजपा के अंदर ही अंदर पुराने और मूल भाजपाई व कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। सागर में सिंधिया खेमे के मंत्री गोविंद राजपूत की विधानसभा सुरखी में पुरानी भाजपा और नई भाजपा के बीच टकराव नजर आने लगा है। इसमें सामान्य कार्यकर्ता तो ठीक पार्टी में किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष रहे व कद्दावर मंत्री भूपेंद्र सिंह के रिश्तेदार राजकुमार सिंह धनौरा तक उपेक्षित और परेशान हैं। तीन दिन पहले पार्टी ने उन्हें अनुशासन हीनता बताते हुए निष्कासित कर दिया था। उन्होंने मीडिया के सामने आकर मंत्री गोविंद राजपूत पर भ्रष्टाचार से लेकर संगठन तक पर कब्जा करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। चर्चा के दौरान खुद के निष्कासन को लेकर उनका दर्द छलक पड़ा, आंखों से आंसू निकल पड़े और वे फफक कर रोने लगे।

सुरखी में स्थानीय प्रत्याशी को विधानसभा टिकट की मांग कर रहे थे
दरअसल सागर में सुरखी से भाजपा के पुराने नेता व भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष रहे राजकुमार धानौरा बीते कई सालों से सुरखी विधानसभा से स्थानीय प्रत्याशी को टिकट देने की मांग कर रहे हैं। वे खुद टिकट के दावेदार रहे हैं। बता दें कि राजकुमार प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह के रिश्तेदार हैं। चूंकी भाजपा में सिंधिया खेमे की एंट्री से सरकार बनने के बाद अब समीकरण बदले सो राजकुमार सिंह धानौरा की स्थानीय प्रत्याशी की डिमांड को पार्टी के खिलाफ बगावत मान लिया गया। उनको नोटिस दिया गया और सीधे छह साल के लिए भाजपा से निष्कासित कर दिया गया।

भाजपा के अंदर पनप रहा आक्रोश, उजागर नहीं कर पा रहे
राजकुमार सिंह के निष्कासन को लेकर भाजपा के पुराने नेता और कार्यकर्ता सार्वजनिक रुप से बोलने से तो बच रहे हैं, लेकिन दबी जुबान से सब बयां कर रहे हैं कि सागर सहित प्रदेश में एक संगठन में दो भाजपा चल रही हैं। इसमें नई-पुरानी और असली-नकली भाजपा को लेकर बातें चल रही हैं। पुराने कार्यकर्ता और पदाधिकारी खुद को उपेक्षित भी बता रहे हैं। राजकुमार का तो केवल एक मामला है। पार्टी में ऐसे कई दर्जन पदाधिकारी, कार्यकर्ता और संघ से जुड़े लोग रहे हैं, जिन्हें घर बैठा दिया गया है। पार्टी में रहते हुए भी वे आयातित भाजपाईयों के कारण किनारे कर दिए गए हैं। उनमें अंदर ही अंदर काफी आक्रोश भी पनप रहा है।
भाजपा से निष्कासित राजकुमार धानौरा के आरोप
- सुरखी में कोई काम नहीं हो रहा, संगठन और अन्य पदों पर गोविंद राजपूत के परिवार का कब्जा।
- भाजपा पार्टी के पुराने लोगों को दबाया और पीछे धकेला जा रहा है।
- मंत्री का पूरा कुनबा कमीशन बटोरने में जुटा है।
- सुरखी, सागर से ग्वालियर तक जा रहा कमीशन।
- कांग्रेस के दोगले और चंद रोज पहले आए लोगों के कहने पर उन्हें भाजपा से निष्कासित किया गया।
- स्थानीय प्रत्याशी की मांग 10 साल से कर रहा, तक अनुशासन हीनता नहीं हुई, अब हो गई।
- मैने प्रदेशाध्यक्ष बीडी शर्मा से माफी भी मांगी थी।
- 30 से भाजपा का समर्पित कार्यकर्ता हूं, कोई आरोप नहीं, निष्कासन गलत किया है।












Click it and Unblock the Notifications