MP News: कौन हैं भाजपा विधायक प्रियंका पेंची, जिनका हुआ एसपी अंकित सोनी से टकराव, तबादला विवाद पहुंचा CM तक
MP News: मध्य प्रदेश के गुना जिले में पुलिस और राजनीति के बीच एक बड़ा टकराव सामने आया है, जिसने सरकार और प्रशासन दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक प्रियंका पेंची और जिले के एसपी अंकित सोनी के बीच जारी तनाव ने ना केवल सत्ता पक्ष को असहज कर दिया है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता, महिला नेतृत्व और पुलिस व्यवस्था को लेकर भी तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं।

विवाद की शुरुआत: तबादलों से बढ़ा तनाव
24 मई को गुना एसपी अंकित सोनी ने एक तबादला सूची जारी की, जिसमें चाचौड़ा क्षेत्र के तीन पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया-
- चाचौड़ा टीआई मछलू सिंह मंडेलिया को पुलिस लाइन भेजा गया,
- कुंभराज टीआई नीरज राणा को बमोरी स्थानांतरित किया गया,
- मृगवास एसआई पंकज कुशवाह को जामनेर थाने ट्रांसफर किया गया।
विधायक पेंची का आरोप है कि इन तबादलों से पहले उन्हें न तो विश्वास में लिया गया और न ही उनकी राय पर कोई विचार किया गया। उनका कहना है कि यह एक जनप्रतिनिधि के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
विधायक का पत्र: "महिला होने के कारण मानसिक प्रताड़ना का सामना"
29 मई को प्रियंका पेंची ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक विस्तृत पत्र लिखा, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। इसमें उन्होंने लिखा:
- "मैं एक महिला विधायक हूं, और मुझे मेरी ही विधानसभा में पुलिस प्रशासन द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है।"
- "एसपी अंकित सोनी की कार्यशैली से मैं मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रही हूं।"
- "तबादलों में मेरी कोई राय नहीं ली गई, जिससे मेरी प्रतिष्ठा और जनविश्वास को नुकसान हुआ है।"
- पत्र वायरल होते ही यह मुद्दा केवल प्रशासनिक नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बन गया।
एसपी का पक्ष: "तबादले विधायक की सिफारिश पर ही हुए"
- वहीं एसपी अंकित सोनी ने विधायक के आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है:
- "चाचौड़ा टीआई का तबादला विधायक की शिकायत पर ही किया गया।"
- "कुंभराज टीआई नीरज राणा को भी मौखिक रूप से वहीं बने रहने के लिए कहा गया है।"
- "तबादले पूर्णतः पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हुए हैं।"
लेकिन सवाल ये है कि अगर तबादले विधायक की सिफारिश पर हुए तो फिर विरोध क्यों? और यदि नहीं हुए, तो प्रशासन में संवाद की यह चूक किसकी जिम्मेदारी है?

कौन हैं प्रियंका पेंची?
- प्रियंका पेंची 2023 के विधानसभा चुनाव में पहली बार भाजपा से चाचौड़ा सीट पर चुनी गईं।
- वे युवा और मुखर नेता मानी जाती हैं,
- महिलाओं, किसानों और ग्रामीण विकास को लेकर सक्रिय हैं,
- सोशल मीडिया पर लगातार अपनी गतिविधियों को साझा करती हैं।
- उनका यह आरोप कि "महिला होने के कारण उन्हें नजरअंदाज किया गया"-इस विवाद को लैंगिक संवेदनशीलता की दिशा में भी मोड़ देता है।
विधायक का पत्र: मानसिक प्रताड़ना का आरोप
- 29 मई 2025 को लिखा गया विधायक प्रियंका पेंची का पत्र अब वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने एसपी अंकित सोनी पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। पत्र में प्रमुख बिंदु:
- तबादलों में अनदेखी: विधायक ने दावा किया कि चाचौड़ा विधानसभा के थानों में तबादले उनकी सहमति के बिना किए गए, जो उनके जनप्रतिनिधि के अधिकारों का उल्लंघन है।
- महिला होने का उल्लेख: प्रियंका ने लिखा कि एक महिला विधायक होने के नाते उन्हें जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है।
- प्रशासनिक पक्षपात: पत्र में यह भी आरोप है कि एसपी ने कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में तबादले किए, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
एसपी का जवाब: तबादले विधायक के कहने पर
एसपी अंकित सोनी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि तबादले प्रशासनिक आवश्यकताओं और विधायक की सिफारिश पर ही किए गए। उन्होंने स्पष्ट किया:
- चाचौड़ा TI मछलू सिंह मंडेलिया को विधायक की शिकायत पर ही पुलिस लाइन भेजा गया।
- कुंभराज TI नीरज राणा का तबादला निरस्त कर दिया गया है।
- मकसूदनगढ़ और जामनेर थानों में कोई तबादला नहीं हुआ।
- मृगवास में वर्तमान में कोई TI तैनात नहीं है, इसलिए वहां तबादले का सवाल ही नहीं उठता।
गुना में अंकित सोनी का कार्यकाल
आईपीएस अंकित सोनी (2017 बैच) को 20 अप्रैल 2025 को गुना एसपी नियुक्त किया गया था, जब उनके पूर्ववर्ती संजीव कुमार सिन्हा को हनुमान जयंती हिंसा (12 अप्रैल 2025) के बाद हटा दिया गया था। सिन्हा को भोपाल पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया था, और सोनी को कानून-व्यवस्था बहाल करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
हनुमान जयंती हिंसा में कर्नलगंज में दो समुदायों के बीच पत्थरबाजी और विवाद हुआ था, जिसके बाद सिन्हा पर पक्षपात और लापरवाही के आरोप लगे थे। "नए एसपी अंकित सोनी के सामने शांति और विश्वास बहाल करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।" सोनी के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था में सुधार देखा गया, लेकिन विधायक प्रियंका पेंची के साथ उनका तनाव नया विवाद बन गया है।
ब्यूरो रिपोर्ट: [LN मालवीय]












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