बांग्लादेश में हिंदू समाज अपनी जान और अपनी इज्जत के लिए सड़कों पर उतर आया: उमा भारती
Bhopal News: बांग्लादेश में खराब होते हालात को लेकर मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती का बयान सामने आया है। उमा भारती ने हिंदुओं को लेकर चिंता जताई है। उमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कई दिनों से बांग्लादेश में हिंदुओं एवं अल्पसंख्यकों को लेकर बहुत चिंतित थी, कुछ बोल भी नहीं पा रही थी।
उमा भारती ने आगे लिखा कि बांग्लादेश में जब खबर लगी है कि हिंदू समाज अपनी जान और अपनी इज्जत के लिए सड़कों पर उतर आया है तब राहत मिली। जिन्होंने लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी जी की सीटें कम हो जाने का आनंद उत्सव मनाया है वह बांग्लादेश से सबक सीखें। हम वहां के सभी अल्पसंख्यकों के साथ हैं, लेकिन कांग्रेस और पूरा विपक्ष चुप क्यों है?

बांग्लादेश में क्यों हो रहा है हंगामा ?
बांग्लादेश में हाल की हिंसा का कारण आरक्षण से जुड़ी एक समस्या है। 1971 के संघर्ष के दौरान जिन जवानों ने अपनी जान दी, उनके परिवारों को नौकरी में 30% आरक्षण देने की बात की गई थी। इसी मुद्दे को लेकर बांग्लादेश का युवा वर्ग असंतुष्ट हो गया और सड़कों पर उतर आया। इस असंतोष ने बांग्लादेश में हिंसा की घटनाओं को जन्म दिया, जो सड़कों से लेकर संसद तक फैल गईं।
बता दे उमा भारती से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता सज्जन सिंह वर्मा का विवादित बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था कि श्रीलंका और बांग्लादेश की तरह अब भारत में भी हालात बिगड़ सकते हैं। वर्मा ने आरोप लगाया कि जिस प्रकार श्रीलंका और बांग्लादेश में जनता ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए और प्रधानमंत्री के आवास में घुस गई, उसी तरह भारत में भी ऐसा हो सकता है, जब मोदी की नीतियों के खिलाफ जनता आंदोलन करेगी।
बीजेपी के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वर्मा पर पलटवार किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "नाम सज्जन, सोच दुर्जन! कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि नरेंद्र मोदी की नीतियों के खिलाफ, एक दिन जनता प्रधानमंत्री निवास में घुसकर कब्जा कर लेगी।"












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