MP News: धार्मिक ध्वज हटवाने पर भड़के BJP और हिंदूवादी संगठन, CMO के चेहरे पर कालिख पोतने के बाद किया चक्काजाम
MP News: मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक धार्मिक ध्वज को हटवाने के खिलाफ भाजपा और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रदीप शर्मा के चेहरे पर कालिख पोत दी और इसके बाद सड़कों पर चक्काजाम कर दिया।
यह मामला तब गरमाया जब नवरात्रि के शुभारंभ पर हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता घंटा घर पर धार्मिक ध्वज लगाने जा रहे थे, लेकिन नगर पालिका कर्मचारियों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।

सीएमओ के आदेश पर ध्वज हटाने का आरोप कलेक्टर सुधीर कोचर के अनुसार, शुक्रवार रात को जब हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता घंटाघर पर ध्वज लगाने जा रहे थे, तो नगर पालिका कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया। कर्मचारियों का कहना था कि यह आदेश सीएमओ प्रदीप शर्मा का था। इसके बाद यह विवाद उत्पन्न हो गया और कार्यकर्ताओं ने इसे सीधे तौर पर हिंदू धर्म का अपमान मानते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
भाजपा और हिंदूवादी संगठनों के नेता इस घटना से नाराज हैं और उन्होंने सीएमओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सीएमओ पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, उनका विरोध जारी रहेगा।
भाजपा और हिंदूवादी संगठनों का उग्र विरोध सीएमओ के चेहरे पर कालिख पोतने वाले भाजपा युवा नेता अनुराग यादव और विवेक अग्रवाल ने चेतावनी दी कि हिंदू धर्म के विरोधियों के साथ इसी तरह का व्यवहार किया जाएगा। उन्होंने कहा, "यह कोई व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि हिंदू धर्म के अपमान का मामला है। हम तब तक शांत नहीं बैठेंगे, जब तक सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती।"
प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने की चेतावनी दी सकल हिंदू समाज के जिला अध्यक्ष कपिल सोनी ने भी इस कार्रवाई का विरोध किया और कहा, "यह घटना हमारे धर्म और संस्कृति का अपमान है। हम कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देंगे और सीएमओ को निलंबित करने की मांग करेंगे। अगर हमारी बात नहीं सुनी गई, तो हम और उग्र प्रदर्शन करेंगे।"
सीएमओ गायब !
सीएमओ से संपर्क की कोशिश, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी इस मामले में सीएमओ प्रदीप शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसके अलावा, पुलिस थाने में भी इस मामले की कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। इस कारण पूरे मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय लोग और प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े हुए हैं कि सीएमओ पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सीएसपी अभिषेक तिवारी मौके पर पहुंचे
प्रशासन ने दी कार्रवाई की चेतावनी दमोह के सीएसपी अभिषेक तिवारी मौके पर पहुंचकर सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा, "हम मामले की जांच कर रहे हैं और जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शनकारियों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए।
कलेक्टर ने क्या कहा?
कलेक्टर सुधीर कोचर ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह विवाद प्रशासनिक स्तर पर हल किया जाएगा। "नपा के कर्मचारियों ने सीएमओ के आदेश पर धार्मिक ध्वज हटवाया था, लेकिन मामले में सभी संबंधितों को नोटिस जारी कर दिया गया है। हिंदूवादी संगठनों को भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा," कलेक्टर ने कहा।
आगे क्या होगा?
इस विवाद ने स्थानीय राजनीति को और भी गर्म कर दिया है। भाजपा और हिंदूवादी संगठनों ने सीएमओ के खिलाफ निलंबन की मांग करते हुए प्रदर्शन तेज कर दिए हैं, जबकि प्रशासन मामले की जांच करने की बात कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर प्रशासन की तरफ से क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या इस घटना का कोई समाधान निकलता है या यह और उग्र हो सकता है।













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