MP News: जबलपुर में धान उपार्जन में बड़ा घोटाला, 5 करोड़ 21 लाख रुपए की गड़बड़ी का खुलासा
MP News: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में धान उपार्जन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। करीब 5 करोड़ 21 लाख रुपए की धान में गड़बड़ी का खुलासा हुआ है, जिसके बाद कलेक्टर दीपक सक्सेना के आदेश पर 5 समितियों के 22 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।यह गड़बड़ी किसानों से खरीदी गई धान की फर्जी एंट्री करने और भुगतान में धोखाधड़ी से संबंधित है।
इस घोटाले में 2268 मीट्रिक टन धान की खरीदी में गड़बड़ी पाई गई है, जिसका कुल मूल्य 5 करोड़ 21 लाख रुपए से ज्यादा है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि विभिन्न समितियों और वेयरहाउस संचालकों ने मिलकर फर्जी एंट्री करके धान की खरीद में गड़बड़ी की और सरकारी धन का दुरुपयोग किया।

जांच का खुलासा
जिला आपूर्ति नियंत्रक नुजहत बकाई के अनुसार, इस घोटाले की शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर ने एक जांच कमेटी गठित की थी। जांच में पाया गया कि 2268 मीट्रिक टन धान की खरीदी में अनियमितताएं हुईं। आरोप है कि वेयरहाउस संचालक, समिति प्रबंधक, खरीदी केंद्र प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने मिलकर षड्यंत्रपूर्वक फर्जी एंट्री की और उसे पोर्टल पर दर्ज कर दिया।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि खरीदी केंद्रों पर पोर्टल पर दर्ज धान की मात्रा वास्तविक स्टॉक से कम थी। कई केंद्रों पर तो फर्जी तरीके से भुगतान भी किया गया था, जबकि वास्तविक किसानों को उनके भुगतान के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस घोटाले से किसानों का पैसा तो फंसा हुआ है ही, साथ ही सरकारी योजनाओं और उपार्जन प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
आरोपी समितियां और उनके नाम
1. पनागर सेवा सहकारी समिति (नर्मदा एग्रो)
- प्रबंधक: अजय दत्त मिश्रा
- केंद्र प्रभारी: रविशंकर पटेल
- कंप्यूटर ऑपरेटर: विनय पटेल
- सर्वेयर: महेंद्र पटेल
- मुक्कदम-पल्लेदार: राहुल पटेल
2.मंझोली सेवा सहकारी समिति (मां रेवा वेयरहाउस)
- संचालक: नीतेश पटेल
- प्रबंधक: विजय राय
- केंद्र प्रभारी: दिनेश रावत
- कंप्यूटर ऑपरेटर: राम राय
- सर्वेयर: मनीष सिंह
जय भवानी वेयर हाउस
- प्रबंधक: विजय राय
- केंद्र प्रभारी: राजकुमार राजपूत
- कंप्यूटर ऑपरेटर: सत्यपाल राजपूत
- केंद्र प्रभारी सहयोगी: अशोक अग्रवाल
- सर्वेयर: अमित राय
गुरुजी वेयर हाउस
- प्रबंधक एवं केंद्र प्रभारी: सुनील साहू
- कंप्यूटर ऑपरेटर: शुभांश विश्वकर्मा
- सर्वेयर: प्रशांत कोरी
शुभी एग्रो वेयर हाउस
- प्रबंधक: अजय दत्त मिश्रा
- केंद्र प्रभारी: मोहनी पाठक
- कंप्यूटर ऑपरेटर: विश्वास खरे
- सर्वेयर: विकास खरे
कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देश पर एफआईआर दर्ज करने के बाद अब इस मामले की गहन जांच की जाएगी। प्रशासन ने इस घोटाले के मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी अनियमितताएं न हों।
धान की कमी और उसका मूल्य
जांच के दौरान पाया गया कि विभिन्न खरीदी केंद्रों पर धान की खरीदी में कमी पाई गई है, जिसके चलते किसानों का उचित भुगतान नहीं किया गया और सरकारी खजाने को भी भारी नुकसान हुआ। निम्नलिखित केंद्रों पर कमी का खुलासा हुआ है:
पनागर काला डूमर - नर्मदा एग्रो सोसायटी
- कमी: 7194.79 क्विंटल
- मूल्य: 1,65,48,037 रुपए
मां रेवा वेयरहाउस मंझोली
- कमी: 6068.59 क्विंटल
- मूल्य: 1,39,57,757 रुपए
कटंगी - गुरुजी वेयरहाउस
कमी: 5161.60 क्विंटल
मूल्य: 1,29,22,780 रुपए
जय भवानी वेयरहाउस मंझोली
कमी: 1134.20 क्विंटल
मूल्य: 26,08,660 रुपए
शुभी एग्रो खरीदी केंद्र
कमी: 2672.25 क्विंटल
मूल्य: 61,46,175 रुपए
कुल गड़बड़ी का आंकड़ा
कुल मिलाकर, 2268 मीट्रिक टन धान की कमी पाई गई है, जिसकी कुल मूल्य 5 करोड़ 21 लाख 83 हजार 409 रुपए है। यह घोटाला सरकार की तरफ से दी गई योजनाओं और किसानों के हक के साथ सीधा खिलवाड़ है।
जांच और कार्रवाई
जांच के दौरान कलेक्टर दीपक सक्सेना ने 5 समितियों के 22 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इस मामले में जिन लोगों पर आरोप हैं, उनमें वेयरहाउस संचालक, समिति प्रबंधक, खरीदी केंद्र प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं। प्रशासन ने अब तक की जांच में इन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात की है और उम्मीद जताई है कि इस मामले की पूरी जांच होने के बाद दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।












Click it and Unblock the Notifications