Bhopal MP News: कॉलेज दुष्कर्म कांड, पांचवीं पीड़िता का खुलासा, फरहान और अली ने की थी चौंकाने वाली वारदात
Bhopal MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में टीआईटी कॉलेज की छात्राओं के साथ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और लव जिहाद के मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पांचवीं पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि मुख्य आरोपी फरहान खान और उसके सहयोगी अली ने एक साल पहले एक ही कमरे में उसके साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया था।
इस जघन्य घटना के दौरान दोनों आरोपियों ने न केवल दुष्कर्म किया, बल्कि एक-दूसरे के वीडियो भी बनाए और पीड़िता के विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की। यह मामला भोपाल के अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में हुआ, और अब तक इस कांड में पांच पीड़िताएं सामने आ चुकी हैं।

पांचवीं पीड़िता का बयान, कैसे फंसी जाल में?
22 वर्षीय पांचवीं पीड़िता, जो भोपाल की ही निवासी है, ने पुलिस को बताया कि वह अपनी एक सहेली के माध्यम से फरहान खान के संपर्क में आई थी। फरहान ने उसे विश्वास में लिया और फिर उसकी मुलाकात अली से कराई। दोनों के साथ उसकी दोस्ती हो गई, और वे अक्सर एक साथ बाहर खाना खाने जाते थे। एक दिन फरहान ने डिनर के बहाने उसे अशोका गार्डन इलाके में एक कमरे में बुलाया। वहां खाने के बाद उसे गांजे से भरी सिगरेट दी गई, जिसके बाद वह होश खो बैठी। इसके बाद फरहान और अली ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने बताया कि दुष्कर्म के दौरान दोनों आरोपियों ने एक-दूसरे के वीडियो बनाए। जब उसने इसका विरोध किया, तो उसके साथ जमकर मारपीट की गई। इस घटना के बाद फरहान ने उसके अश्लील वीडियो का इस्तेमाल कर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। डर और सामाजिक बदनामी के भय से पीड़िता चुप रही, लेकिन जब फरहान के मोबाइल से उसका वीडियो पुलिस को मिला, तब जाकर उसने हिम्मत जुटाकर शिकायत दर्ज की।
पुलिस की कार्रवाई, अली 6 मई तक रिमांड पर
इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों-फरहान खान, साहिल, साद, अली खान, और एक अन्य को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार, 2 मई 2025 को अली की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उसे अशोका गार्डन पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे 6 मई तक के लिए दोबारा रिमांड पर भेज दिया। अली की निशानदेही पर पुलिस उन स्थानों का सत्यापन कर रही है, जहां पीड़िताओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुईं। इसके साथ ही पुलिस ने कई अहम साक्ष्य भी जब्त किए हैं।
पुलिस ने फरहान को हाल ही में इंदौर ले जाकर एक अन्य पीड़िता के साथ हुए दुष्कर्म के स्थान की शिनाख्त कराई। इंदौर में फरहान ने पीड़िता के घर के बाहर हंगामा किया था, जिसके बाद पीड़िता ने डायल 100 पर शिकायत की थी। हालांकि, उस समय इंदौर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। अब भोपाल पुलिस की जांच में इसकी पुष्टि हो चुकी है, और इंदौर से भी अहम सबूत जमा किए गए हैं।
Bhopal MP News: कांड का खुलासा, कैसे शुरू हुआ मामला?
यह पूरा मामला 18 अप्रैल 2025 को उस समय सामने आया, जब एक 19 वर्षीय पीड़िता ने बागसेवनिया थाने में फरहान अली उर्फ फराज के खिलाफ शिकायत दर्ज की। पीड़िता ने बताया कि फरहान ने दो साल पहले, जब वह नाबालिग थी, तब उसे प्रेमजाल में फंसाकर उसका यौन शोषण किया और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। उसने पीड़िता को अपनी सहेलियों से मिलवाने के लिए मजबूर किया, जिन्हें बाद में फरहान के दोस्तों ने निशाना बनाया।
पुलिस ने फरहान की गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल से कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए, जिनमें सात पीड़िताएं दिखाई दीं। अब तक पांच पीड़िताओं ने शिकायत दर्ज की है, जबकि दो अन्य पीड़िताएं सामाजिक डर के कारण अभी सामने नहीं आई हैं। पुलिस इन पीड़िताओं को काउंसलिंग दे रही है।
Bhopal MP News: गिरोह का मॉडस ऑपरेंडी, 1992 के अजमेर कांड से तुलना
पुलिस जांच में पता चला कि यह गिरोह 2022 से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से हिंदू छात्राओं को निशाना बनाता था। आरोपी फर्जी हिंदू नामों का इस्तेमाल कर छात्राओं से दोस्ती करते थे, उन्हें ड्रग्स देकर दुष्कर्म करते थे, और फिर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते थे। कुछ पीड़िताओं ने बताया कि उन पर इस्लाम में धर्मांतरण और शादी का दबाव भी डाला गया।
पुलिस ने इस मामले की तुलना 1992 के अजमेर रेप कांड से की है, जहां भी एक गिरोह ने स्कूली छात्राओं को निशाना बनाकर उनका यौन शोषण किया था और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया था। भोपाल पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, "हम यह जांच कर रहे हैं कि क्या इस मामले में भी उसी तरह का पैटर्न है।"
अब तक की गिरफ्तारियां और जांच
- गिरफ्तार आरोपी: फरहान खान, साहिल, साद, अली खान, और एक अन्य। दो अन्य आरोपी, अबरार और नबील, अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया है।
- फरहान के मोबाइल से एक पोर्न साइट का लिंक मिला, जहां वह पीड़िताओं के वीडियो बेचने की योजना बना रहा था। पुलिस ने उसके फोन से 12 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए हैं।
- कानूनी कार्रवाई: मामला पॉक्सो अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, और आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया है।
एनसीडब्ल्यू की जांच: राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है और 3 से 5 मई तक भोपाल में एक तीन सदस्यीय जांच समिति भेजी है। यह समिति पीड़िताओं, उनके परिवारों, और पुलिस से मुलाकात कर मामले की गहराई से जांच करेगी।
Bhopal MP News: सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस मामले ने भोपाल में भारी आक्रोश पैदा किया है। 29 अप्रैल 2025 को कोर्ट में आरोपियों की पेशी के दौरान वकीलों ने उनकी पिटाई की, और हिंदू संगठनों ने जेपी अस्पताल में उनका विरोध किया। सकल हिंदू समाज ने 2 मई को भोपाल के 26 चौराहों पर लव जिहाद के खिलाफ प्रदर्शन किया और आरोपियों को फांसी की सजा की मांग की।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बीजेपी सांसद आलोक शर्मा ने विवादास्पद बयान देते हुए लव जिहाद के आरोपियों की नसबंदी की मांग की, जिस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई।












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