इस शहर में है अटल जी का मंदिर, रोजाना लगती है भक्तों की कतारें
ग्वालियर। पूर्व प्रधानमंत्री और सर्वोच्च सम्मान 'भारत रत्न' से नवाजे गए अटल बिहारी वाजपेयी अपनी अंतिम यात्रा पर चल दिए है। लेकिन उनकी यादे और विचार आज भी ग्वालिया के लोगों को प्रभावित करती है। यही वो शहर है जहां पर अटल जी पैदा हुए और आज भगवान के रुप में पूजे जाते है। आपकों बता दें कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर में उनका मंदिर बना हुआ है। मंदिर में प्रतिदिन भजन-आरती के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर में पुजारी भी नियुक्त है। फिलहाल इस मंदिर में प्रतिमा नहीं लगी है, तस्वीर रखकर पूजा की जाती रही है।

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म ग्वालियर में हुआ था. उनके माता-पिता यहां शिंदे की छावनी इलाके में रहते थे। पिता शिक्षक थे। ग्वालियर के चप्पे-चप्पे से अटलजी की यादें जुड़ी हुई हैं। अधिवक्ता विजय सिंह चौहान की मानें तो ग्वालियर में सत्यनारायण की टेकरी पर हिंदी माता मंदिर बनाया है। इसके पास ही 1995 में अटल बिहारी वाजपेयी के मंदिर का निर्माण भी कराया गया। इसके पीछे मंशा यह थी कि आने वाली पीढ़ी को पता होना चाहिए कि अटल बिहारी वाजपेयी ग्वालियर में पढ़े-लिखे और पूरी दुनिया में नाम कमाया।
ये देश में अटल जी का इकलौता मंदिर है। वैसे तो लोग रोज़ ही इस मंदिर में आते-जाते हैं, लेकिन उनके निधन के बाद अब भारी कदमों और भरे दिल से पहुंच रहे हैं। लोग बताते है कि अटल जी की याद में उनकी लाल पत्थर की प्रतिमा तैयार कराई जा रही है, जो अगले तीन से चार महीने में मंदिर में स्थापित की जाएगी। मंदिर संचालक अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से पुरस्कार भी देते हैं।
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