American embassy असिस्टेंट मैनेजर लीना शर्मा मर्डर केस में फैसला, मामा समेत दो नौकर को आजीवन कारावास
मध्य प्रदेश के सोहागपुर में लगभग 7 साल पहले अमेरिकी दूतावास की तत्कालीन सहायक प्रबंधक लीना शर्मा की जघन्य हत्या हुई थी। निचली अदालत ने इस मामले के आरोपियों को दोषी करार दिया गया हैं। कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

American embassy assistant manager Leena Sharma murder case: बहुचर्चित लीना शर्मा मर्डर केस में पीड़ित परिवार को सेशन कोर्ट से इंसाफ मिल गया। साल 2016 में मध्य प्रदेश के कामती रंगपुर के जंगल के नाले में लीना की लाश मिली थी। जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट मुंहबोले मामा प्रदीप शर्मा ने दर्ज कराई थी। मृतक लीना दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास की तत्कालीन सहायक प्रबंधक थी। बाद में पुलिस इन्वेस्टिगेशन में सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रदीप ही हत्यारा निकला। जिसने अपने दो नौकरों की मदद से वारदात को अंजाम दिया था। संपत्ति की लालच में लीना की हत्या करने वाले आरोपियों को सोहागपुर द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं।

मध्य प्रदेश के होशंगाबाद सोहागपुर सेशन कोर्ट ने चर्चित लीना शर्मा मर्डर केस के आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा का ऐलान कर दिया गया। लीना दिल्ली स्थित अमेरिकन एंबेसी में असिस्टेंट मैनेजर थी। सोहागपुर के एक गांव में उसकी पैतृक कृषि भूमि थी। गांव में ही उसका मुंह बोला मामला प्रदीप शर्मा रहता था। जिला अभियोजन अधिकारी राज कुमार नेमा के मुताबिक साल अप्रैल 2016 में गांव पहुंची लीना ने जब अपनी जमीन का सीमांकन कराया तो लगभग 10 एकड़ भूमि पर प्रदीप का कब्ज़ा निकला। कुछ दिनों बाद अपनी भूमि को सुरक्षित करने के मद्देनजर लीना जब दोबारा आई तो उसका मुंह बोला मामा विवाद करने लगा।

अभियोजन अधिकारी ने बताया कि विवाद के दौरान लीना को उसके साथ आए लोग अकेला छोड़कर चले गए। फिर प्रदीप और उसके दो नौकरों ने लीना की हत्या कर जंगल के बरसाती नाले में दफना दिया। अगले दिन प्रदीप फरियादी बनकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस थाने पहुंच गया। काफी दिनों तक पुलिस ख़ाक छानती रही, लेकिन लीना का कही भी कोई सुराग नहीं लगा था। इसी दौरान पुलिस को कुछ ऐसे सबूत हाथ लगे, जिसके आधार पर प्रदीप पर शक हुआ और वह गिरफ्तार कर लिया गया था। इस मामले में पूरी सुनवाई होने के बाद कोर्ट ने प्रदीप को साजिश रचकर हत्या करने व साक्ष्य छुपाने का इन्हें दोषी पाया गया। बताया गया कि उस वक्त प्रदीप कांग्रेस पार्टी से भी जुड़े थे। कोर्ट ने सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं। साथ ही अर्थदंड भी लगाया हैं।












Click it and Unblock the Notifications