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पत्नी से बात करने के घंटेभर बाद आई मौत की खबर: जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए आगर-मालवा के जवान बद्रीलाल यादव

आगर-मालवा जिले के बद्रीलाल यादव (32) जम्मू-कश्मीर के राजौरी में एक दुखद सड़क हादसे में शहीद हो गए। वे भारतीय सेना की 63वीं राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन में नायक पद पर तैनात थे।

सोमवार रात करीब 8:40 बजे यह हादसा हुआ, जब वे अपनी यूनिट की एक खराब गाड़ी को टोचन (ट्रैक्टर से खींचने) कर वापस ला रहे थे। इस दौरान उनकी गाड़ी फिसलकर खाई में गिर गई, जिससे बद्रीलाल की शहादत हो गई। उनका साथी जवान जयप्रकाश हादसे में घायल हुआ है।

Agar-Malwa soldier Badrilal Yadav incident in Jammu and Kashmir talked to his wife

हादसा कैसे हुआ:

परिवार के अनुसार, सोमवार शाम करीब 7:30 बजे बद्रीलाल ने अपनी पत्नी निशा से बात की थी। उन्होंने बताया था कि गाड़ी खराब हो गई है, लेकिन वह एक घंटे में यूनिट पहुंच जाएंगे और फिर कॉल करेंगे। इसके करीब एक घंटे बाद, रात 8:40 बजे हादसा हो गया, जिसमें बद्रीलाल की मौत हो गई। यह खबर उनके परिवार को पूरी तरह से शोकाकुल कर गई।

सेना में बद्रीलाल की सेवा:

बद्रीलाल ने 2012 में भारतीय सेना में इलेक्ट्रिकल एंड मैकेनिकल इंजीनियर (EME) के पद पर सेवा शुरू की थी। उनका प्रशिक्षण भोपाल में हुआ था, और फिर वे जम्मू, पंजाब, असम, सिकंदराबाद और साउथ सूडान सहित कई स्थानों पर तैनात रहे। उनकी पहली और आखिरी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में ही रही, जहाँ वे शहीद हुए।

परिवार और अंतिम संस्कार:

बद्रीलाल के शहादत के बाद, उनके परिवार ने उनकी पत्नी और दो बच्चों को इस दुखद खबर से अवगत नहीं कराया है। परिवार ने बताया कि बद्रीलाल के चाचा, निर्भय सिंह यादव, जो खुद भी रिटायर्ड फौजी हैं, ने यह जानकारी दी। बद्रीलाल का शव मंगलवार को इंदौर एयरपोर्ट लाया गया। बुधवार को उनका अंतिम संस्कार आगर जिले के गांव नरवल में किया जाएगा।

Agar-Malwa soldier Badrilal Yadav incident in Jammu and Kashmir talked to his wife

शहीद जवान बद्रीलाल यादव को श्रद्धांजलि देने के लिए सड़कों पर खड़े रहे स्कूल के बच्चे

आगर जिले के शहीद जवान बद्रीलाल यादव को श्रद्धांजलि देने के लिए जिले के स्कूलों के बच्चे सड़कों पर खड़े रहे। जैसे ही बद्रीलाल का पार्थिव शरीर उनके गांव नरवल पहुंचा, बच्चों ने अपनी भावनाओं का इजहार करते हुए सड़क पर खड़े होकर उन्हें सम्मान दिया। यह दृश्य बेहद भावुक और प्रेरणादायक था, जब छोटे-छोटे बच्चे अपनी कक्षा के साथ अपने शहीद जवान को अंतिम विदाई देने के लिए खड़े हुए थे।

स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भारत माता की जय और शहीद बद्रीलाल यादव अमर रहें के नारों के साथ शहीद जवान की श्रद्धांजलि अर्पित की। यह दृश्य पूरे जिले में शहीद जवान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक बन गया।

Agar-Malwa soldier Badrilal Yadav incident in Jammu and Kashmir talked to his wife

शहीद जवान बद्रीलाल यादव के पार्थिव देह को सीधे गांव नहीं लाए

शहादत के बाद, परिवार ने तय किया कि बद्रीलाल का शव इंदौर जिले में ही रखा जाएगा और पार्थिव देह को रात में गांव नहीं लाया जाएगा। बुधवार सुबह शव को गांव नरवल ले जाया जाएगा और फिर वहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

परिवार ने इस कठिन समय में भी पत्नी को यह खबर नहीं दी कि बद्रीलाल की मौत हो गई है। उन्हें बताया गया कि बद्रीलाल का एक्सीडेंट हो गया है और वह होश में नहीं हैं। इस स्थिति में पत्नी निशा बार-बार फोन करने की जिद कर रही थीं और उन्हें शक हो गया था कि परिवार उनसे कुछ छिपा रहा है। हालांकि, परिवार ने उन्हें यकीन दिलाया कि सब ठीक है और जल्द ही वह उनसे मिलने आएंगे।

बद्रीलाल का परिवार:

बद्रीलाल का जन्म 2 मार्च 1992 को हुआ था। उनके पिता हीरालाल खेती करते थे और अब उनका निधन हो चुका है। परिवार में उनकी मां रूखमा बाई, पत्नी निशा, दो बेटे राजवीर और पीयूष, बड़ा भाई गोपाल (जो पीथमपुर में केबल फैक्ट्री में इंजीनियर हैं), और दो बहनें भगवती और मीरा हैं।

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