मध्य प्रदेश: चुनावी टिकट बंटने और कटने के बाद कार्यकर्ता हुए नाराज, अब इन्होंने किया विरोध
भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा ने 177 प्रत्याशियों के टिकट बांट दिए हैं। टिकट वितरण के बाद से ही भाजपा में असंतोष शुरू हो गया है। कई कार्यकर्ता इस्तीफा दे चुके हैं। जिन विधायकों या नेताओं के टिकट कटे हैं, वे निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं कई भाजपा कार्यकर्ता अपने नेता को टिकट नहीं मिलने से नाराज हैं। इसके चलते शनिवार को भाजपा दफ्तर में सुबह से शाम तक हंगामा होता रहा। मुगावली से सैंकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा दफ्तर में आकर जमकर हंगामा किया है। दरअसल भाजपा ने इस विधानसभा सीट से कांग्रेस से आए केपी यादव को टिकट दे दिया है। इससे नाराज होकर मुगावली कार्यकर्ताओं ने पार्टी दफ्तर में आकर जमकर हंगामा किया।

यहां भी बगावत
बागली के राजनीतिक गलियारों में हलचल का माहौल है। एक ओर जहां वर्तमान विधायक चम्पालाल देवड़ा का टिकट काटा गया है। वहीं प्रशासनिक अनुभव रखने वाले पहाड़ सिंह कन्नौजे को भाजपा ने अपनी सुरक्षित सीट बागली से टिकट दिया है। टिकट कटने के बाद विधायक देवड़ा ने पार्टी के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना लिया।

इस्तीफों का दौर शुरू
भाजपा में टिकट बंटते ही कई जगह से असंतोष के सुर सुनाई दे रहे है। टिकट कटने पर कुछ नेताओं ने बगावत कर निर्दलीय पर्चा भरने का ऐलान किया है तो कुछ ने पार्टी से इस्तीफे की घोषणा तक कर दी है। इसी कड़ी में सुसनेर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के पूर्व विधायक संतोष जोशी ने टिकट वितरण में अपनी ओर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का पार्टी पर आरोप लगाया है और इसके चलते निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है।

पूर्व विधायक सक्सेना भी नाखुश
सीहोर के पूर्व विधायक रमेश सक्सेना भी नाखुश हैं। वे पहले ही भाजपा पर दस करोड़ तक में टिकट मिलने का आरोप लगा चुके हैं। अब वे अपनी पत्नी को निर्दलीय चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहे हैं।












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