MP News: रतलाम में ओवरलोड ऑटो पलटा, 10 लोग घायल – कुत्ते को बचाने की कोशिश में हुआ हादसा, नहीं पहुंची एंबुलेंस
MP News: मंगलवार सुबह रतलाम जिले के शिवगढ़ रोड स्थित रामपुरिया छोटा फंटा के पास दर्दनाक हादसा हो गया। ओवरलोड सवारी से भरा एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें 10 लोग घायल हो गए।
इनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। हादसे की वजह सड़क पर अचानक आए एक कुत्ते को बचाने की कोशिश बताई जा रही है। दुर्भाग्यवश कुत्ते की मौत हो गई।

ऑटो में क्षमता से अधिक सवारियां, रामपुरिया से रतलाम आ रहे थे ग्रामीण
घटना सुबह उस वक्त हुई जब ग्रामीणों से भरा एक ऑटो रामपुरिया गांव से रतलाम की ओर आ रहा था। बताया गया है कि ऑटो में क्षमता से कई गुना अधिक लोग सवार थे। जैसे ही वाहन रामपुरिया फंटा स्थित छोटी पुलिया के पास पहुंचा, अचानक एक कुत्ता ऑटो के सामने आ गया। ड्राइवर ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन ऑटो का बैलेंस बिगड़ गया और वह पलट गया।
हादसे से मचा हड़कंप, स्थानीय लोग दौड़े मदद को
हादसे के तुरंत बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ऑटो में बैठे यात्रियों को कुछ समझ नहीं आया कि अचानक क्या हुआ। हादसे में घायल लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। लेकिन मौके पर एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची, जिससे नाराजगी का माहौल भी देखने को मिला।
बाइक और ऑटो से अस्पताल पहुंचाए गए घायल
भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के कार्यकर्ता दिनेश माल भी हादसे की सूचना मिलने पर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचने के कारण स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ही घायलों को बाइक और अन्य ऑटो की मदद से अस्पताल पहुंचाया।
हादसे में घायल लोगों की पहचान
- सलीम (65) पिता मंसूर
- शमशाद बी (60) पति सलीम
- वाजिद (70) पिता आजाद खान
- गलीबाई (80) पिता कालू वसुनिया
- कृष्णा (10) पिता प्रकाश वसुनिया
- विषणा (12) पिता प्रकाश वसुनिया
- सुनीता (30) पति बालू
- कालीबाई (45) पति गोवर्धन खराड़ी
- शांति बाई (45) पति प्रभु
- कुंवरी बाई (45) पति सरदार वसुनिया
इन सभी को हाथ, पैर, पीठ में चोटें आई हैं। डॉक्टरों की निगरानी में प्राथमिक उपचार के बाद कुछ को छुट्टी दे दी गई है, जबकि बुजुर्ग और बच्चों की हालत को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
ओवरलोडिंग और लापरवाही बन रही हादसों की वजह
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण परिवहन व्यवस्था की खामियों और ओवरलोडिंग के गंभीर खतरे को उजागर करती है। सवारी वाहनों में तय सीमा से अधिक लोगों को बैठाना, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की लचर स्थिति ऐसे हादसों को न्योता देती है।
पुलिस जांच में जुटी, एंबुलेंस समय पर क्यों नहीं आई - बड़ा सवाल
घटना की जानकारी मिलने पर डीडी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, घटना के बाद एम्बुलेंस की लेटलतीफी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कई लोगों ने मांग की है कि स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में और अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाया जाए।












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