उज्जैन में हादसे के बाद गुस्साए रहवासियों ने किया चक्का जाम, प्रशासन ने दिया स्पीड ब्रेकर लगाने का आश्वासन
MP News: उज्जैन में शुक्रवार रात एक भीषण सड़क हादसे में पिता और बेटी की मौत हो गई। यह घटना एमआर-5 रोड पर कार और ऑटो की टक्कर से घटी।
हादसे के बाद आसपास के रहवासियों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया, उनका आरोप था कि इस इलाके में आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक यहां स्पीड ब्रेकर नहीं बनवाए हैं, जो दुर्घटनाओं को रोकने में मददगार हो सकते थे।

हादसा: ऑटो और कार की भीषण टक्कर
शुक्रवार रात शेख जीशान (38) अपनी पत्नी शहाना (30), बेटे आरिल और 6 महीने की बेटी अनाविया के साथ ससुराल तोपखाने गए थे। घर लौटते समय, आलोक इंटरनेशनल स्कूल के पास टर्न लेते वक्त उनकी ऑटो को सामने से आ रही कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी और ऑटो के परखच्चे उड़ गए।
इस हादसे में जीशान और उसकी पत्नी सड़क पर गिर पड़े। जबकि दोनों बच्चे ऑटो में फंसे रहे। टक्कर में जीशान और उसकी 6 महीने की बेटी अनाविया की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, मां और बेटे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय लोगों का प्रदर्शन
हादसे की खबर फैलते ही इलाके के लोग सड़कों पर उतर आए और चक्काजाम कर दिया। उनका कहना था कि इस रास्ते पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक स्पीड ब्रेकर जैसी साधारण व्यवस्था नहीं की है, जिससे इन दुर्घटनाओं को रोका जा सके। स्थानीय लोग प्रशासन से इस मामले में तुरंत कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
गुस्साए रहवासियों ने किया चक्का जाम, प्रशासन ने दिया स्पीड ब्रेकर लगाने का आश्वासन
उज्जैन में शुक्रवार रात हुए भीषण सड़क हादसे में पिता और पुत्री की मौत के बाद इलाके के रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। हादसे के अगले दिन शनिवार सुबह ढांचा भवन और एमआर-5 के आसपास की कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने सड़क पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी रहवासियों का कहना था कि यह क्षेत्र पहले भी सड़क दुर्घटनाओं का शिकार रहा है, और यहां की सड़कों पर तेज गति से वाहन दौड़ते हैं, जिससे जानमाल की क्षति हो रही है।
प्रदर्शनकारियों की मांग
चक्का जाम कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि इस रोड पर पहले भी चार लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रशासन ने कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाए। उनका कहना था कि 2 किलोमीटर के इस रोड पर संकेतक और स्पीड ब्रेकर की आवश्यकता है। प्रदर्शनकारियों में शामिल नीलोफर खान ने बताया कि इस इलाके में दो बड़े स्कूल हैं, जहां हजारों बच्चे आते-जाते हैं। लेकिन तेज रफ्तार से वाहन चलते हैं, जिससे बच्चों और आम लोगों की जान को खतरा है।
प्रशासन से आश्वासन
स्थानीय लोगों की मांग के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और चक्का जाम को खत्म करने के लिए स्पीड ब्रेकर लगाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने तुरंत कदम उठाकर स्पीड ब्रेकर लगाने की प्रक्रिया शुरू करने का वादा किया, जिससे रहवासियों का गुस्सा शांत हुआ और चक्का जाम समाप्त हो गया।
यह घटना सड़क सुरक्षा और प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठाती है। अगर प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो इस तरह के हादसे भविष्य में भी हो सकते हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाता है और लोगों की सुरक्षा के लिए उचित उपाय करता है या नहीं।












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