सीहोर मुंगावली में भीषण हादसा: नाले की रैलिंग तोड़कर पानी में गिरी कार, एक की मौत; दूसरा युवक तैरकर बाहर आया
Sehore News: मंगलवार की सुबह सीहोर के ग्राम मुंगवाली में एसडीआरएफ टीम ने एक शव को नाले से बाहर निकाला। यह शव सुबह करीब 8:15 बजे बरामद किया गया और मृतक की पहचान गांव के ही निवासी मनोज उर्फ मन्नू (30) के रूप में की गई है।
सोमवार शाम को एक गंभीर हादसा घटित हुआ जब एक कार गांव से करीब 500 मीटर दूर स्थित नाले में गिर गई। कार की गिरने की घटना शाम करीब 7:45 बजे हुई थी। प्रत्यक्षदर्शी सुरेश वर्मा के अनुसार, कार तेज रफ्तार से आ रही थी और उसने प्रतीक्षालय की रेलिंग को तोड़ते हुए नाले में गिर गई।

गांव के रंजीत और घनश्याम पाल ने भी पुष्टि की कि कार अनियंत्रित होकर नाले में गिर गई थी।
एसडीआरएफ की कार्रवाई और शव की पहचान
रात भर एसडीआरएफ की टीम शव की तलाश में जुटी रही, लेकिन सफल नहीं हो पाई। आज सुबह जब टीम मौके पर पहुंची, तब नाले में शव मिला। मौके पर पटवारी, तहसीलदार, सचिव और थाना पुलिस बल भी मौजूद था। शव को पोस्टमार्टम के लिए सीहोर भेजा गया है।
मृतक के परिवार की स्थिति
मृतक की पहचान मनोज उर्फ मन्नू के रूप में की गई है। उनकी पत्नी स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं और उनके तीन बच्चे हैं। मनोज की असामयिक मृत्यु से उनके परिवार में शोक का माहौल है और परिजन दुःख और आंसुओं में डूबे हुए हैं।
रेस्क्यू करते समय की चुनौतियां
सोमवार शाम करीब 7:45 बजे, एक तेज रफ्तार कार गांव से 500 मीटर दूर स्थित नाले में गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार ने प्रतीक्षालय की रेलिंग को तोड़ते हुए नाले में गिर गई थी। घटना के तुरंत बाद, एक व्यक्ति नाले से बाहर निकलकर भाग गया और उसने डायल 100 पर सूचना दी कि उसके साथी कार में फंसा हुआ है। हालांकि, वह व्यक्ति मौके से फरार हो गया और अपना मोबाइल भी छोड़ गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में अंधेरे का बड़ा बाधा था। दुर्घटना की रात काफी अंधेरा था, जिससे कार निकालने में समस्या आ रही थी। स्थानीय लोगों ने करीब 9:30 बजे कार को नाले से बाहर निकाल लिया, लेकिन कार से कोई व्यक्ति नहीं मिला।
एसडीआरएफ की टीम ने रात भर और सुबह तक तलाशी जारी रखी, लेकिन पहले दिन कोई सफलता नहीं मिली। आज सुबह पुनः तलाशी अभियान चलाया गया और अंततः शव बरामद किया गया।
फरार व्यक्ति की भूमिका और मृतक की स्थिति
फरार व्यक्ति ने दावा किया था कि उसका साथी कार में फंसा हुआ है। इसके बावजूद, कार से कोई व्यक्ति नहीं मिला था, जिससे यह संदेह उत्पन्न हुआ कि शायद फरार व्यक्ति ने ही कार की स्थिति को लेकर सही जानकारी नहीं दी थी। मनोज उर्फ मन्नू की पहचान के बाद, शव को पोस्टमार्टम के लिए सीहोर ले जाया गया। उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं, जिनके लिए यह घटना एक बड़ा शोक है।
इस दुर्घटना के बाद की घटनाओं ने रेस्क्यू ऑपरेशन की जटिलता को उजागर किया। अंधेरे और फरार व्यक्ति की जानकारी ने खोज को मुश्किल बना दिया, लेकिन एसडीआरएफ टीम की मेहनत और स्थानीय लोगों की सहायता से शव को बरामद किया जा सका। अब स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं ताकि फरार व्यक्ति की पहचान और उसकी भूमिका स्पष्ट की जा सके।












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