आजादी का अमृत महोत्सव: 1947 में भी मनाया गया था "हर घर तिरंगा अभियान", 63 बम गोलों की दी थी सलामी
सागर, 11 अगस्त। देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन यह पहली बार नहीं हो रहा। अब से ठीक 75 साल पहले आजादी की पहले मिनट से हर घर तिरंगा और राष्ट्रध्वज अभियान चलाया जा चुका है। इतिहास में उस दौर के दस्तावेज संरक्षित हैं, जिनमें इस बात का उल्लेख है कि 14 अगस्त 1947 को एक पत्र प्रकाशित हुआ था, जिसमें हर घर में झंडा लगाने, रात 12.01 मिनट पर झंडावंदन किया गया और 63 बम गोलों की सलामी दी गई थी।

साल 1947 की तर्ज पर मनाया जा रहा 75वां स्वतंत्रता दिवस
साल 1947 की तर्ज पर मनाया जा रहा 75वां स्वतंत्रता दिवस। आजादी के 75 साल पूरे होने पर हर-घर तिरंगा अभियान चलाकर देशभक्ति के इस पर्व को उत्साह पूर्वक मनाने की अपील की जा रही है। आजादी के बाद पहला स्वतंत्रता दिवस भी ठीक इसी तरह मनाया गया था, जहां लोगों से अपने निजी घरों दुकानों प्रतिष्ठानों पर झंडा फहराने का आवाहन किया गया था। तत्कालीन स्थिति को देखते हुए इसके साथ ही झंडे को लेकर उस समय कहा गया था कि ''नए राष्ट्रीय झंडे के अभाव में पुराना उपयोग किया जा सकता है और वह ना मिले तो कागज का बनाकर उपयोग किया जाए।

सत्यम कला एवं संस्कृति संग्रहालय में रखा है ऐतिहासिक दस्तावेज
200 साल की गुलामी के बाद जब भारत अपना पहला स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 1947 को मनाने तैयार हुआ, तब इस ऐतिहासिक दिन को मनाने दिन भर का कार्यक्रम जारी हुआ था, पूरे शहर में पंपलेट और अखबार बांटे गए थे। आज भी इस ऐतिहासिक दस्तावेज को समाजसेवी दामोदर अग्निहोत्री द्वारा संचालित सत्यम कला एवं संस्कृति संग्रहालय में रखा है। जिसे आलकाट प्रेस सागर द्वारा छापा गया था।

15 अगस्त शुरू होने के पहले मिनट से ही मिनट टू मिनट के कार्यक्रम का उल्लेख
15 अगस्त शुरू होने के पहले मिनट से ही मिनट टू मिनट के कार्यक्रम का उल्लेख
दामोदर अग्निहोत्री के अनुसार उनके पास संरक्षित दस्तावेजों में रात 12 बजाकर 1 मिनट पर चकराघाट के फर्श पर राष्ट्रीय झंडे का आरोहण और 63 बम गोलों की सलामी देने और धार्मिक स्थानों पर रात के 12.1 मिनट से लगातार 5 मिनट तक मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर घंटे घड़ियाल बजाये जाने के साथ ही ईश्वर की आराधना करने को आमजन से कहा गया था।

भोर की पहली किरण से 24 घंटे मनाने का उल्लेख
15 अगस्त 1947 को भोर की पहली किरण के साथ आजादी का उत्सव प्रारंभ हो गया था। म्पलेटनुमा अखबार में प्रकाशित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 5 बजे मोहल्ले में प्रभात फेरियां निकालेंगे, 7 बजे निजी घरों, दुकानों, कचहरी और अन्य सरकारी और सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्रीय झंडा फहराए जाएंगे, 8 बजे आजाद मैदान पर राष्ट्रीय झंडे का आरोहण होगा, सलामी के समय सभी लोग निश्चित समय के पहले पहुंचकर व्यवस्थित रूप से स्थान पर खड़े रहेंगे। सुबह 9ः00 बजे किले के भीतर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने मैदान पर पलटन पुलिस, राष्ट्रीय कार्यकर्ता, अखाड़े, कॉलेज, हाई स्कूलों में, निजी स्कूलों और प्राइमरी स्कूलों के विद्यार्थी महिलाएं जनता अपने अपने निश्चित जगहों पर खड़ी रहेंगी। 10 बजे दिन में जुलूस की रवानगी होगी।

75 साल बाद ठीक उसी तरह आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा
सागर सहित देशभर में सरकार, शासन, प्रशासन, आममन आजादी के 75वें स्वतंत्रता दिवस को आजादी के अमृत महोत्स्व के रुप में मनाने हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें 11 अगस्त से 17 अगस्त तक सभी से अपने घरो के सबसे ऊँचे स्थान पर तिरंगा लगाने की अपील की जा रही है।

15 अगस्त को मनाई गई थी दीपावली, रोशनी और आतिशबाजी की गई थी
आजादी के पहले दिन हिन्दुस्तान में दीपावली सा उत्सव मनाया गया था। 15 अगस्त 1947 के सुरक्षित दस्तावेज में उल्लेख है कि आजादी के पहले दिन शाम को हर घर में रोशनी की जाए, आतिशबाजी भी की जाए। गान-तान के साथ खुशियां बनाई जाएं। इसके पूर्व दोपहर 2 बजे दिन में चकराघाट के फर्श पर सामूहिक प्रार्थना, 3 बजे किले के भीतरी मैदान पर विद्यार्थियों को मिठाई वितरण, 4 बजे किले के भीतरी मैदान पर आम सभा राष्ट्रीय कार्यकर्ताओं का स्वागत किया गया था। उस दिन रात 8 बजे घरों दुकानों सड़कों आदि की सजावट व दीपावली जैसा उत्सव मनाया गया था।












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