उज्जैनः भस्म आरती के पास के नाम पर कालाबजारी करते 5 ठग गिरफ्तार
उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध उज्जैन मंदिर में महांकालेश्वर भस्म आरती के पास के नाम पर कालाबजारी का मामला सामने आया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने रविवार की सुबह भस्म आरती के पास ब्लैक करते हुए 5 लोगों को पकड़ा है। पुलिस की माने तो महाकाल मंदिर में भस्म आरती के लिए मिलने वाले पास को ब्लैक में बेचने का काम करते हैं और एक व्यक्ति के नाम पर 2 से 3 लोगों को अंदर भेज देते हैं।

4 लोगों के पास पर 8 लोगों जा रहे थे अंदर
रविवार सुबह भस्म आरती दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की आईडी कार्ड चेक करने के दौरान 4 लोगों के पास पर 8 लोगों को अंदर जाते पुलिस ने पकड़ लिया। कार्ड चेक करने के लिए तैनात पुलिस कर्मी ने सभी की आईडी की जांच की तो चार लोगों के पास फर्जी पाए गये। इस पर उसने उन लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि उन्होंने तीन नम्बर दुकान से भस्म आरती पास खरीदे थे।
भस्म आरती के नाम लेते थे 31 सौ रुपए
उज्जैन में मंदिर में भस्म आरती में शामिल होने वाले एक श्रद्धालु ने बताया कि यहां के पुजारी ने 5 लोगों को भस्म आरती कराने के लिए 3100 रुपए लिए थे। श्रद्धालु के बयान के बाद अधिकारियों ने एक युवक को पुछताछ के लिए हिरासत में लिया तो उसके पास से भस्म आरती के पास मिले। बता दें कि युवक मंदिर परिसर में पानी लाने का काम करता है। रंगेहाथों पकड़े गए युवक की पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही धुनाई कर दी।
ऑनलाइन जारी करता है पास
महाकालेश्वर मंदिर में रोज सुबह 4 बजे बाबा महाकाल की भस्म आरती होती है। भस्म आरती के लिए मंदिर प्रशासन ने ऑन लाइन प्रक्रिया के जरिए नि: शुक्ल पास जारी करता है। लेकिन कर्मचारी और पुजारियों की मिलीभगत के वीआईपी पास के नाम पर श्रृद्धालुओं को पास बेचे जाते थे। जिसकी कीमत प्रति पास 1 हजार रुपए लेकर 5 हजार रुपए तक होती है।
SDM ने बताया ऐसे बेचते थे पास
एसडीएम अनिल बनबारिया के मुताबिक युवक मंदिर से जुड़े पुजारियों और पुरोहितों के साथ मिलकर भस्म आरती पास बेचने और पैसे लेकर दर्शन कराने का रैकेट चला रहा था। अभी पंडित कौशल व्यास, पंडित सुरेंद्र चतुर्वेदी, प्रमलेश व्यास पिता विनोद व्यास, मयंक अग्रवाल आदि हैं. सभी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।












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