3 साल की बेटी ने बचाई मम्मी-पापा की शादी, पति ने की थी ये भावुक अपील

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मंदसौर। मध्य़ प्रदेश के मंदसौर की लोक अदालत में तलाक का एक केस पति की भावुक फरमाइश के चलते सुखद मोड़ खत्म हुआ। शनिवार को मंदसौर कुटुम्ब न्यायालय में भोपाल निवासी पंकज शर्मा और मंदसौर निवासी प्रियंका प्रधान के तलाक केस की सुनवाई अंतिम दौर में थी। महिला ने जब कोर्ट से बेटी की पढ़ाई के लिए खर्च दिलाने का आग्रह किया तो पति भावुक होते हुए जज साहब से गुहार लगाई की मैंने अपनी बेटी को 3 साल से नहीं देखा है। यह सुन जज ने बेटी को कोर्ट में बुलवाया और दोनों को उसके साथ मंदिर जाने के लिए कहा।

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जब दंपति वापस आया तो सारा मंजरा ही बदल गया। कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों व अन्य लोगों ने दंपति को बेटी के खातिर साथ रहने की सलाह दी। उन सब की यह कोशिश रंग लाई वे साथ रहने के लिए तैयार हो गए। आपको बता दें कि पंकज शर्मा और उनकी पत्नी की शादी 5 साल पहले हुई थी, लेकिन विवाद के चलते स्थिति तलाक तक बन आई थी। पंकज ने आजीवन भरण-पोषण के लिए निर्धारित 10 लाख रुपए में से पांच लाख रुपए प्रियंका को दे भी दिए थे। पंकज शनिवार को वह बाकि के रूपए जमा करवाने आया था।

लोक अदालत में मामले की सुनवाई कर रहीं न्यायाधीश दुर्गा डाबर ने तलाक का फैसला सुनाने के पहले दोनों पक्षों की बात फिर से सुनने का फैसला किया तो उन्हें लगा कि दोनों के बीच कोई बड़ा विवाद नहीं है। वे बस आपस की छोटी-मोटी गलतियों के लिए एक दूसरे पर दोष मड़ कर आपस में लड़ रहे हैं। इस बीच प्रियंका ने बेटी की पढाई का मुद्दा उठाते हुए पढाई के लिए उसे अलग से पैसे की मांग की। इसको सुनकर पंकज ने कहा कि बेटी अभी स्कूल जाने लायक हुई ही नहीं है। प्रियंका ने कोर्ट को बताया कि उनकी बेटी स्कूल में जाती है और वह उसकी फीस की रसीद कोर्ट में पेश कर सकती हैं।

यह सुनकर पंकज भावुक हो उठा। उसने कोर्ट में कहा कि जज साहब मेरी बेटी 3 साल की हो गई है पर अभी तक मैंने उसे देखा भी नहीं है यदि प्रियंका उसकी फीस की रसीद बता दे तो मै उसकी फीस भरने को भी तैयार हूं। यह सुन जज ने तत्काल प्रियंका को उसकी बेटी को कोर्ट में बुलवाने के निर्देश दिए और दोनों को बेटी के साथ जाने को कहा।

वे दोनों कुछ समय के लिए मंदिर चले गए। जब वापस लौटे तो दोनों का व्यवहार बदला हुआ था। इसको देखते हुए कोर्ट ने दोनों के समझाने की कोशिश की गई। लोगों की मेहनत रंग लाई और दोनों साथ रहने के लिए तैयार हो गए।

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English summary
3 year-old daughter saved her parents marriage in mandsaur
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