12 की उम्र में बेटी को कोठे पर बेच आई थी मां, 12 साल बाद लौटी तो...
जबलपुर। गांव की रहने वाली एक गरीब लड़की को उसकी मां सपने दिखाकर शहर ले आती है। और बेचकर वापस गांव चली जाती है। 12 साल पहले एक 12 साल की किशोरी को उसकी ही मां ने नागपुर के कोठे में बेच दिया। किशोरी लगातार 12 साल तक शोषण का शिकार होती रही।

12 सालों तक नरक की जिंदगी जीते-जीते उसकी उम्र 24 साल हो गई। फिर एक दिन उसकी किस्मत उस पर मेहररबान हो जाती है। उसे जबलपुर में रहने वाला एक युवक मिल था और उसे अपनी आपबीती बताती है। इसके बाद युवक ने किशोरी के परिजनों को तलाश कर जानकारी दी। इसके बाद पुलिस की मदद से परिजनों ने उसे नागपुर से मुक्त कराया।
नागपुर से वापस आई लड़की ने बताया कि उसके पिता की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। जब वह 12 साल की थी, उसकी मां उसे बस में बैठाकर नागपुर ले गई। मां ने उससे कहा कि यहां पर तेरी पढ़ाई-लिखाई हो जाएगी। इसके बाद उसे नहाने के लिए भेज दिया गया। जब वह नहाकर वापस आई तो उसकी मां गायब हो चुकी थी। इसके बाद वह उन लोगों के साथ रहने लगी। वह लोग ठीक नहीं थे। वह लोग नाबालिग लड़कियों को खरीदकर गलत काम में लगाते थे।
युवती ने बताया कि उससे नागपुर के रेड लाइट एरिया में देह व्यापार कराया जाता था। उसे केवल खर्च के लिए 20 रुपये मिलते थे। लड़की ने दो बार नागपुर से भागने की कोशिश की लेकिन वह दोनों बार पकड़ी गई। इसके बाद उसे मुंबई भेज दिया गया। वह दो साल तक मुंबई में रही। उसे वापस फिर नागपुर ले आया गया।
युवती ने बताया कि उसकी मुलाकात शहर में रहने वाले एक युवक से हुई। उसने युवक को अपने परिवार वालों के बारे में बताया। युवक ने उनके परिवार वालों को उसके बारे में खबर दी। परिवार वालों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। धनवंतरी नगर चौकी प्रभारी अरुणा वाहने की टीम युवती के परिजनों को लेकर नागपुर पहुंची। नागपुर से युवती को मुक्त कराया। बेटी को बेचने के बाद मां अपने पति को भी छोड़कर भाग गई। शिल्पा के परिजनों ने बताया कि उसकी मां की चार-पांच साल पहले मौत हो चुकी है।












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