MP News: मध्य प्रदेश राज्य सेवा के 21 अफसर बनेंगे IAS और IPS, यूपीएससी की प्रमोशन कमेटी की बैठक जल्द
MP News: मध्य प्रदेश की प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं से जुड़े अधिकारियों के लिए एक बड़ी खबर है। राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) और राज्य पुलिस सेवा (SPS) के 21 वरिष्ठ अधिकारियों को अब अखिल भारतीय सेवाओं में शामिल होने का अवसर मिलने वाला है। इनमें से 16 अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और 5 अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नति दी जाएगी।
इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) और प्रमोशन कमेटी की बैठक जल्द ही आयोजित की जाएगी।

IAS और IPS के लिए बनी चयन सूची: कौन होंगे अगले अफसर?
मध्य प्रदेश सरकार ने 16 IAS और 5 IPS पदों के लिए चयनित करने हेतु 48 SAS और 15 SPS अधिकारियों का पैनल तैयार किया है। चयन की प्रक्रिया IAS/IPS (Appointment by Promotion) Regulations, 1955 के अनुसार की जा रही है, जिसमें हर एक पद के लिए तीन गुणा उम्मीदवारों पर विचार किया जाता है।
IAS चयन के लिए
- 2006-07 की वरिष्ठता सूची के आधार पर SAS अधिकारियों का मूल्यांकन होगा।
- योग्यता: कम से कम 8 वर्ष की सेवा और गजेटेड पद पर नियुक्ति अनिवार्य।
IPS चयन के लिए:
- 1997-98 बैच की वरिष्ठता सूची के अनुसार SPS अधिकारियों का मूल्यांकन किया जाएगा।
- वर्गीकरण: "आउटस्टैंडिंग", "वेरी गुड" और "गुड" के आधार पर चयन।
कैसे होती है प्रमोशन की प्रक्रिया?
- सेवा रिकॉर्ड और गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) का मूल्यांकन
- अखंडता प्रमाणपत्र की जांच
- UPSC चयन समिति की बैठक (Selection Committee Meeting - SCM)
- सेलेक्ट लिस्ट का अनुमोदन और अंतिम अधिसूचना
समिति की अध्यक्षता यूपीएससी के अध्यक्ष या सदस्य करते हैं, जिसमें राज्य सरकार के वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारी शामिल रहते हैं। चयनित अधिकारियों की सूची को 31 दिसंबर तक वैध माना जाएगा, जिसके बाद केंद्र सरकार नियुक्ति की अधिसूचना जारी करती है।
पारदर्शिता और निष्पक्षता: इस बार और भी कड़े नियम
पिछली कुछ चयन प्रक्रियाओं में उठे सवालों को ध्यान में रखते हुए इस बार पारदर्शिता के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं:
नो रिलेशन सर्टिफिकेट: चयन समिति के सदस्यों को यह प्रमाणित करना होगा कि वे किसी उम्मीदवार से संबंध नहीं रखते।
विवादित अधिकारी बाहर: जिन अधिकारियों के खिलाफ जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है, उन्हें चयन सूची से बाहर किया जाएगा।
सिर्फ वरिष्ठता नहीं, प्रदर्शन भी पैमाना: सेवा रिकॉर्ड और ACR में दर्ज रेटिंग्स के आधार पर अधिकारियों को "आउटस्टैंडिंग", "वेरी गुड" जैसी श्रेणियों में रखा जाएगा।
MP State Service: क्यों है यह प्रमोशन राज्य के लिए अहम?
- इस प्रक्रिया के माध्यम से:
- राज्य प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।
- लंबे समय से प्रतीक्षित पदों को भरा जाएगा, जिससे अफसरशाही में संतुलन आएगा।
- ग्रामीण क्षेत्रों में अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति से विकास योजनाओं के कार्यान्वयन को बल मिलेगा।
- यह राज्य सरकार की ईमानदारी और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया में विश्वास को भी मजबूत करता है।
पिछली बार क्या हुआ था?
साल 2021 में भी मध्य प्रदेश ने 29 अधिकारियों (18 SAS और 11 SPS) को प्रमोट किया था। उस समय 1997 बैच के अधिकारियों को प्रमोशन मिला था। इस बार 2023 और 2024 दोनों सालों के लिए संयुक्त रूप से प्रमोशन प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिससे लंबित पदों को भरा जा सके।
मुख्य सचिव का निर्देश:"समयबद्ध और पारदर्शी हो प्रक्रिया"
राज्य के मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को यह निर्देश दिया है कि चयन प्रक्रिया में कोई ढिलाई न हो और पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर, पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाए।
MP State Service: एक नई शुरुआत की ओर
इन प्रमोशनों के जरिए न केवल अफसरों के जीवन में एक नया मोड़ आएगा, बल्कि यह मध्य प्रदेश की शासन प्रणाली को भी मजबूती देगा। इन पदोन्नतियों के बाद अफसरों को राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारियों और ट्रेनिंग के लिए तैयार किया जाएगा, जिससे वे राज्य के साथ-साथ देश की सेवा में भी अहम भूमिका निभा सकें।












Click it and Unblock the Notifications