जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सह-शिक्षा के विरोध पर क्या बोले योगी के मंत्री मोहसिन रजा?
लखनऊ, 31 अगस्त: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के लड़कियों के लिए अलग स्कूल और कॉलेज स्थापित करने की वकालत को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री मोहसिन रजा का बयान सामने आया है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी के बयान पर मोहसिन रजा ने कहा कि ये वही लोग हैं जो महिलाओं को 3 तलाक की बेड़ी में रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'इनके बयान से साफ है कि ऐसी विचारधारा के लोग हैं और इनको पिछली सरकारों में संरक्षण मिला है। हम ऐसे लोगों को समर्थन और संरक्षण नहीं देंगे।

अरशद मदनी ने किया सह-शिक्षा का विरोध
बता दें, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के लड़कियों के लिए अलग स्कूल और कॉलेज स्थापित करने की वकालत की है। दिल्ली में हुई कार्यसमिति की बैठक के बाद जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने सोमवार को बयान जारी किया। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने कहा कि मुसलमानों को अपने बच्चों को किसी भी कीमत पर उच्च शिक्षा दिलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज ऐसे स्कूलों और कॉलेजों की सख्त जरूरत है, जहां हमारे बच्चे, खासकर लड़कियां बिना किसी बाधा या भेदभाव के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।
मदनी ने कहा- गैर-मुस्लिम भी बेटियों को सह-शिक्षा देने से परहेज करें
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मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि दुनिया के हर धर्म में अनैतिकता और अश्लीलता की निंदा की गई है। अपने गैर-मुस्लिम भाइयों से भी कहेंगे कि वे अपनी बेटियों को अनैतिकता और दुर्व्यवहार से दूर रखने के लिए सह-शिक्षा देने से परहेज करें और उनके लिए अलग शिक्षण संस्थान स्थापित करें।कार्यसमिति की बैठक के दौरान बालक-बालिकाओं के लिए स्कूल-कॉलेजों की स्थापना, विशेष रूप से लड़कियों के लिए धार्मिक वातावरण में अलग-अलग शिक्षण संस्थान और समाज में सुधार के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान मदनी ने कहा कि आज की स्थिति में लोगों को अच्छे मदरसों और उच्च धर्मनिरपेक्ष शिक्षण संस्थानों की जरूरत है, जिसमें बच्चों को शिक्षा के समान अवसर प्रदान किए जा सकें।












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