लॉकडाउन और कोरोना काल में दर्ज हुए 2.5 लाख केस अब होंगे वापस, सीएम योगी ने दिए निर्देश
Yogi Adityanath News, लखनऊ। कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन के दौरान अगर आपके ऊपर कोई मुकदमा दर्ज हुआ हैं तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। दरअसल, प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने ऐसे मुकदमो को वापस लेने का निर्देश अधिकारियों को दे दिया है। बता दें कि पूरे प्रदेश में कोरोना और लॉकडाउन के दौरान मामूली गलती पर करीब 2.5 लाख केस आम लोगों पर दर्ज हुए थे, जो अब प्रदेश सरकार वापस लेने जा रही है।
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बता दें कि जनवरी महीने में यूपी के कानून मंत्रालय ने प्रमुख सचिव को दिशा-निर्देश जारी करते हुए कोरोना काल और लॉकडाउन के प्रदेश भर में दर्ज मुकदमों का ब्योरा जुटाने को कहा था। इसका मकसद था कि जिन लोगों पर मामूली गलती के कारण मुकदमा दर्ज हुआ उन्हें कोर्ट-कचेहरी और पुलिस के चक्कर ना लगाने पड़े। इसके लिए उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे।
वहीं, योगी सरकार के इस फैसले से व्यापारियों के साथ ही बड़ी संख्या में कर्मचारियों, मजदूरों और किसानों को भी राहत मिलना तय है। दरअसल, राज्य सरकार का मानना है कि कोरोना काल के दौरान दर्ज हुए मुकदमों से आम लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ेगी। थानों में दर्ज एफआईआर को हवाला देते हुए पुलिस को लोगों को परेशान करने का मौका मिल सकता है। बता दें कि पूरे प्रदेश में 2.5 लाख ऐसे केस सामने आए है, जिसके बाद सीएम योगी ने इन मुकदमो को वापस लेने का निर्देश अधिकारियों को दे दिया है।
केस वापस लेने वाला पहला राज्य बनेगा यूपी
इस फैसले के बाद कोविड-19 प्रोटोकाल तोड़ने और लॉकडाउन के उल्लंघन के मुकदमे वापस लेने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन जाएगा। सरकार इन मुकदमों की वापसी के जरिए जहां व्यापारियों के साथ आम लोगों को बड़ी राहत देने जा रही है, वहीं उन्हें भविष्य में ऐसी स्थितियों में विशेष एहतियात बरतने की चेतावनी भी देगी। इन मुकदमों की वापसी से पुलिस और न्यायालय से भी बोझ कम होगा और उन्हे आवश्यक चीजों की जांच के लिए मौका मिल सकेगा।












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