गाली गलौज और धमकी के बाद लखनऊ में खत्म हुआ बसपा का प्रदर्शन
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो के खिलाफ दयाशंकर सिंह के विवादित बयान के बाद आज लखनऊ की सड़कों पर मायावती समर्थकों का गुस्सा फूटा, पूरा शहर प्रदर्शन की भेंट चढ़ा और सड़कों पर दयाशंकर सिंह को खूब गालियां दी गयी। तकरीबन छह घंटे के प्रदर्शन, गाली गलौज और अव्यवस्था के बाद बसपा समर्थकों ने अपना प्रदर्शन इस आश्वासन पर खत्म किया कि पुलिस जल्द ही दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार करेगी।
Video-बसपा नेता बोली दयाशंकर के अवैध औलाद हैं, उनके डीएनए में खराबी है

पुलिस दयाशंकर सिंह की लगातार तलाश कर रही है और उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। माना जा रहा है कि वह कभी भी पुलिस के समक्ष अपना समर्पण कर सकते हैं। इससे पहले बसपा समर्थकों ने नसीमुद्दीन सिद्दिकी की अगुवाई में हजरतगंज चौराहे पर स्थिक बाबा साहब की मूर्ती पर जमकर बवाल काटा। मंच से माइक पर दयाशंकर सिंह को खूब भद्दी-भद्दी गालियां दी गयी।
बहनजी के समर्थक विवादित नारों वाले पोस्टर लेकर यहां जमा हुए थे और उन्होंने दयाशंकर सिंह की बहन बेटी तक को पेश किये जाने की मंच से मांग की। हालांकि भाजपा ने दयाशंकर सिंह को पार्टी से छह साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया है लेकिन बसपा नेताओं का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है।
दयाशंकर के कारण बसपा को मिली 'संजीवनी'!
लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान परिवर्तन चौक, हुसैनगंज, सिविल हॉस्पिटल रोड को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था जिसके चलते लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। डीएम और एसएसपी को बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने 36 घंटे का वक्त दिया है कि अगर दयाशंकर की गिरफ्तारी नहीं हुए तो वह फिर से सड़कों पर उतरेंगे।
आपको बता दें कि बीसएपी सचिव मेवालाल गौतम ने हजरतगंज कोतवाली में दयाशंकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी है और उनके बयान की सीडी भी पुलिस को दी है। जिसके बाद पुलिस ने दयाशंकर के खिलाफ आईपीसी की धारा 153ए, 504, 509 और एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है।












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