अखिलेश ने दिखाईं आंखें तो आजम ने बदले सुर

पार्टी के अंदर व बाहर दोनों जगह बयान पर प्रतिक्रिया होने लगी। मामले को गंभीर होता देख मुख्यमंत्री ने आजम के बयान से पल्ला झाड़ते हुए बुधवार को कहा कि कारगिल युद्ध में जीत हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समेत सभी धर्म के सैनिकों के योगदान से संभव हो सकी। इसके बाद आजम खां भी बैकफुट पर थे और एक नया बयान देकर मामले को हल्का करने की कोशिश की।
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उन्होंने कहा ‘मैं आज भी कहता हूं कि ''कारगिल की पहाड़ियों पर अपने हिंदू और सिख भाइयों के साथ-साथ मुस्लिम फौजियों ने भी उतनी ही बहादुरी और जांबाजी से जंग लड़ी, जितनी किसी और ने। नारा-ए-तकबीर का जवाब नारा-ए-तकबीर से दिया और पाकिस्तानी फौजियों को कारगिल की पहाड़ियां छोड़कर जाने को मजबूर कर दिया था।'' यह भी कहा कि यह इस देश और मुसलमानों का दुर्भाग्य है कि उन्हें अपनी देशभक्ति के लिए सफाई देनी पड़ती है।
इस बीच सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने मामले में दखल देते हुए कहा कि फौज के साथ-साथ आजादी की लड़ाई में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाईयों के एकजुट होकर लड़ाई लड़ने के कारण ही कामयाबी हासिल हुई।












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