यूपीपीसीएल पीएफ घोटाला: 'मुख्यमंत्री जीरो टॉलरेंस की बात करते रहे, नाक के नीचे भ्रष्टाचार होता रहा'
लखनऊ। यूपीपीसीएल में हुए पीएफ घोटाले को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने एक बार फिर प्रदेश सरकार को घेरा है। लल्लू ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार लगातार DHFL के मामले सही ढंग से प्रदेश की जनता के सामने रखने के बजाए गुमराह कर रही है। 2600 करोड़ रुपए के निवेश की सही जानकारी नहीं दे रहे। हमारी मांग थी कि ऊर्जा मंत्री सीएमडी, एमडी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए, लेकिन सरकार सिर्फ टॉलरेंस की बात करती रही, मुख्यमंत्री जी भी यही बातें दोहराते रहे, लेकिन नाक के नीचे भ्रष्टाचार होता रहा।

अधिकारियों पर कार्रवाई कर खुद को बचाना चाहती है सरकार
बीजेपी सरकार कार्रवाई न करके ध्यान भटका रही है। इतने बड़े निवेश के लिए कौन सी प्रक्रिया अपनाई गई। क्या गाइड लाइन थी, इतने बड़े निवेश की। जो सरकार इस मामले में लिप्त है वो अधिकारियों पर कार्रवाई करके खुद को बचाना चाहती है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को जवाब देना पड़ेगा। ऊर्जा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। हम उनके नोटिस का कानूनी रूप से जवाब देंगे।
श्रीकांत शर्मा ने भेजा मानहानि नोटिस
बता दें, उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन (यूपीपीसीएल) में 2600 करोड़ के ईपीएफ घोटाले को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। अब श्रीकांत शर्मा ने अजय कुमार लल्लू को मानहानि का नोटिस भेजा है। उन्होंने 24 घंटे के भीतर उनसे माफी की मांग की है। मंत्री ने कहा कि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।












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