प्रवासी मजदूरों को रोजगार के साथ अब घर देगी योगी सरकार, आवास प्लस योजना के तहत कर रहे पंजीकरण
लखनऊ। लॉकडाउन में काम-धंधे बंद हो गए है, जिसके चलते प्रवासी मजदूर के सामने विषम हालात हैं। ऐसे में उनके पास घर लौटने के सिवाय कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। गैर प्रदेशों से उत्तर प्रदेश लौटे प्रवासी श्रमिकों व कामगरों को लिए सूबे की योगी सरकार रोजगार के साथ आवास प्लस योजना के तहत आवास उपलब्ध कराएगी। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के प्रवासियों के लिए लागू होगी। इसके लिए गांवों में पंजीकरण भी शुरू हो गए है।

दरअसल, लॉकडाउन के चलते देश के अलग-अलग राज्यों से अब तक 25 लाख से ज्यादा प्रवासी कामगार यूपी लौट चुके हैं। इनमें ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों के रहने वाले हैं। वापस लौटे इन परिवारों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिनके पास रहने को अपना घर नहीं है। ऐसे में इन लोगों के सामने रहने की एक बड़ी समस्या है। ऐसे में उन्हें अब या तो अपने मूल गांव में ही किराए पर मकान लेना पड़ रहा है या फिर कच्चा मकान बनाकर रह रहे हैं। वहीं, ग्राम्य विकास आयुक्त के. रवींद्र नाईक ने बताया कि जिन आवासहीन प्रवासियों ने आवास प्लस योजना में पंजीकरण कराया है उन्हें आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने उम्मीद जताई है कि केन्द्र सरकार से जल्द ही इस योजना के लिए इस वर्ष का लक्ष्य आवंटित हो जाएगा। नाईक ने बताया कि प्रवासियों के अलावा प्रदेश में अब तक आवास प्लस योजना के लिए 54 लाख 31 हजार परिवारों ने पंजीकरण कराया है। इतना ही नहीं योगी सरकार प्रवासी श्रमिकों व कामगारों को एक बार 1000 रुपए का भुगतान करेगी। जिन्हें अभी तक भुगतान नहीं मिला है उनका ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बता दें इससे पहले सरकार ने प्रतिमाह 1000 रुपए मानदेय देने का ऐलान किया था।












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