UP: बांग्लादेश से मानव तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
लखनऊ, 27 जुलाई: उत्तर प्रदेश एटीएस ने रोहिंग्या कनेक्शन वाले मानव तस्करी के एक बड़े रैकेट का खुलासा करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह में एक महिला भी शामिल है। ये लोग बांग्लादेश से महिलाओं व बच्चों को अवैध रूप से भारत लाकर बेचते थे। मानव तस्करी के इस गिरोह को पकड़ने के लिए यूपी एटीएस के 30 अधिकारियों ने 36 घंटे से अधिक का ऑपरेशन किया। इनके पास मोबाइल, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बांग्लादेश नागरिकता पहचान पत्र, एटीएम, रेलवे टिकट व यूएनएचसीआर के कार्ड की फोटो कॉपी, पांच बांग्लादेशी टका और 24 हजार 480 रुपए बरामद हुए हैं।

रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को भारता में बेचता था शख्स
उत्तर प्रदेश एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। प्रशांत कुमार ने बताया कि एटीएस टीम को पता चला कि एक शख्स रोहिंग्या और बांग्लादेशी महिलाओं और बच्चों को अवैध तरीके से भारत में लाकर उन्हें असामाजिक तत्वों को बेच देता है। उन्होंने बताया कि एटीएस को सूचना मिली कि कुछ रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों को ट्रेन से दिल्ली ले जाया जा रहा है।
तीन लोग गिरफ्तार
उन्होंने बताया कि एटीएस की टीम ने पांच व्यक्तियों को गाजियाबाद स्टेशन पर उतारकर पूछताछ की। इनका एक साथी दिल्ली में था। कुल 6 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें से 3 अपराधी हैं और 3 पीड़ित (2 महिलाएं) हैं।उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी मोहम्मद नूर रोहिंग्या और बांग्लादेशी महिलाओं को शादी के बहाने और पुरुषों और बच्चों को कारखानों में नौकरी के बहाने अवैध रूप से भारत लाता था। इसके बाद वह उन्हें बेच देता था। उनका आर्थिक, शारीरिक और मानसिक रूप से शोषण किया जाता था। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी मोहम्मद नूर त्रिपुरा में रहता है और बांग्लादेश का रहने वाला है। दो अन्य लोग जम्मू में रोहिंग्या शिविर में रहने वाले रहमतुल्लाह और म्यांमार के मूल निवासी हैं, और शबीबुर रहमान भी म्यांमार के मूल निवासी हैं।












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