''हिंदू इसे बाबरी मस्जिद नहीं राम जन्मभूमि कहते हैं''
अयोध्या/अंकुर सिंह। उम्र तकरीबन 8 से 10 साल, बातचीत से बिल्कुल मंझे हुए पंडे की तरह से बात करता हुआ अरुण (काल्पनिक नाम) एकदम से पास में आता है बोलता है भइया पूरा राम लला का दर्शन करायेगा, राम दरबार से लेकर शिलापूजन स्थल के दर्शन करायेगा अपनी इच्छा से जो भी 10-20 देना चाहे दे दीजिएगा। लेकिन मेरे एक सवाल का जवाब जिस तरह से इस बच्चे ने दिया उसने यहां की तनावग्रवस्त हालात का पूरा खाका मेरे दिमाग में खींच दिया।

इस बच्चे के हाथ में दस रुपए देते हुए मैंने कहा मुझे सबसे पहले वो जगह देखनी है जहां बाबरी मस्जिद को गिराया गया था। लेकिन बच्चे ने तल्ख स्वर में कहा हिंदू इसे बाबरी मस्जिद नहीं राम जन्म भूमि कहते हैं। अब उस जगह पर मस्जिद का नामोनिशान मिट चुका है।
मेरा अगला सवाल उस बच्चे से यह था कि तुम्हारे पिता भी पंडा हैं तो बोला जी हां वो भी सरयू नदी के किनार बैठते हैं और बतौर पंडा वहां कार्यरत है। उसने कहा कि यह जगह पवित्र है और लोग यहीं भगवान राम का जन्म हुआ था।
बच्चे ने मेरे अगले सवाल के जवाब में अयोध्या की दशा और दिशा को और भी मेरे सामने रख दिया। जब उस बच्चे से मैंने पूछा तुम्हें यह सब किसने बताया कि यहां पर बाबरी मस्जिद थी या उसे गिराया गया और यहां राम मंदिर था। बच्चे ने कहा भइय़ा मैं भी इसी दुनिया में रहता हूं टीवी देखता हूं सब जानता हूं।
बहरहाल बच्चा तेजी से आगे-आगे चलता है और विवादित स्थल से पहले ही स्थित एक मंदिर में मुझे ले जाता है और बताता है कि यहीं हनुमान जी की मूर्ती को विवादित स्थल से लाया गया था। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि यह मूर्ती वहां से मिली है या नहीं।
खैर जैसे तैसे बच्चा फटाफट मुझे उस जगह ले जाता है जहां से विवादित स्थल जहां राम लला एक छोटे से तिरपाल के नीचे विराजमान हैं ले जाता है जहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनाता है और सैकड़ों लोगों की भीड़ यहा लगी है। बच्चा यह कहते हुए मुझसे विदा लेता है कि इससे आगे नहीं जा सकता पुलिस वाले मुझे पहचानते हैं और वह मुझे अंदर नहीं जाने देंगे।












Click it and Unblock the Notifications