स्वामी प्रसाद मौर्या ने छोड़ी बसपा, मायावती पर लगाये गंभीर आरोप
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में सबसे बड़ा झटका बसपा सुप्रीमो मायावती को लगा है। बहुजन समाज पार्टी के दिग्गज नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने पार्टी का दामन छोड़ दिया है। स्वामी प्रसाद मौर्या पार्टी के दिग्गज नेता के तौर पर जाने जाते थे। वह यूपी विधानसभा में विपक्ष के नेता थे।
2017 की रणनीति बनाने में जुटी मायावती

वह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भी थे, ऐसे में उनका पार्टी छोड़ना मायावती के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। मौर्या ने मायावती पर आरोप लगाया कि उन्होंने भाजपा के साथ समझौता कर लिया है। उन्होंने कहा कि मायावती पार्टी में टिकटों की नीलामी करती हैं। उन्होंने कहा कि मायावती दलितों के हितों को भूल गयी है और उन्होंने अंबेडकर के सपनों को बेच दिया है।
मायावती पर आरोपों की छड़ी लगाते हुए स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा कि मै पार्टी के भीतर घुटन महसूस कर रहा था। उन्होंने कहा कि बसपा में दलितों की कोई पूछ नहीं है। उन्होंने कहा विधायकों के टिकट आर्थिक मायनों पर तय किये गये थे। तभी मैंने 2015 में मायावती से इसपर विस्तार से चर्चा की थी।
मौर्या ने कहा कि पंचायत सदस्यों को भी 10 से 15 लाख रुपए में टिकट दिया गया जिसकी वजह से पार्टी को भारी हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अभी भी लोगों का टिकट आर्थिक आधार पर बदला जा रहा है। मुझे जैसा व्यक्ति ऐसे परिवेश में काम नहीं कर सकता हूं।
पार्टी के भीतर मिले सम्मान पर बोलते हुए मौर्या ने कहा कि यह सम्मान अब अपमान में बदल गया है। मैं पार्टी के भीतर नेताओं बहुजन समाज के लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता हूं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर टिकट बेचा नहीं बल्कि नीलाम किया जा रहा है।
मौर्या ने कहा कि पार्टी के भीतर मैं बहुजन समाज के दिग्गजों के बारे में बोल नहीं सकता हूं। मैं पार्टी के भीतर बहुत घुटन महसूस कर रहा था। माना जा रहा है कि स्वामी प्रसाद समाजवादी पार्टी का दामन संभाल सकते हैं और 27 जून को होने वाले कैबिनेट विस्तार में वह मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।












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