Breaking: भड़काऊ भाषण मामले में CM योगी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, खारिज की याचिका
लखनऊ, 26 अगस्त: भड़काऊ भाषण मामले में सुप्रीम कोर्ट से यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है। बता दें, सीएम योगी आदित्यनाथ पर साल 2007 में भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। इस मामले में केस दायर करने पर रोक लगा दी गई थी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार ने याचिका दायर की थी, जिसमें मुकदमे की इजाजत न देने की गुजारिश की गई थी। इस मामले में चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया।

गोरखपुर में 2007 में हुआ था सांप्रदायिक दंगा
गोरखपुर में 27 जनवरी 2007 को सांप्रदायिक दंगा हुआ था। इस दंगे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए थे। इस दंगे के लिए तत्कालीन सांसद व मौजूदा सीएम योगी आदित्यनाथ, विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल और गोरखपुर की तत्कालीन मेयर अंजू चौधरी पर भड़काऊ भाषण देने और दंगा भड़काने का आरोप लगाया गया था। आरोप था कि इन लोगों के भड़काऊ भाषण के बाद ही दंगा भड़का था।
सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें एक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा कथित भड़काऊ भाषण की जांच की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया गया था। इस मामले में राज्य सरकार ने पिछले साल योगी आदित्यनाथ को अभियुक्त बनाने से ये कहकर मना कर दिया था कि उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं हैं।
बता दें, इस मामले में चीफ जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने 24 अगस्त को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इसमें मेरिट नहीं है। कोर्ट ने ये भी कहा कि आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी से इनकार करने के मुद्दे पर नहीं जा रहे हैं। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि स्वीकृति प्रदान करने की प्रक्रिया के कानूनी प्रश्न पर एक अन्य उपयुक्त मामले में विचार किया जा सकता है।












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