सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को एक फिर उनके हाल पर छोड़ दिया, प्रियंका गांधी ने कहा
सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को एक फिर उनके हाल पर छोड़ दिया, प्रियंका गांधी ने कहा
लखनऊ, अप्रैल 20: कोरोना वायरस संक्रमण से मचे कोहराम के चलते दिल्ली में 6 दिन का लॉकडाउन लागू कर दिया गया है। ऐसे में यहां बिहार, यूपी समेत कई राज्यों के प्रवासी मजदूर अपने-अपने घरों को लौटने लगे हैं और बस अड्डों पर जमा हो गए। वहीं, दूसरी तरफ प्रवासी मजदूरों के पलायन की खबर सामने आते ही कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने सरकार पर हमला बोला है।

सरकार ने प्रवासियों को उनके हाल पर छोड़ा: प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासिचव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने सराकर पर सवाल उठाया और पूछा कि उनके पास प्रवासी मजदूरों के लिए कोई योजना क्यों नहीं है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'कोविड की भयावहता देखकर ये तो स्पष्ट था कि सरकार को लॉकडाउन जैसे कड़े कदम उठाने पड़ेंगे, लेकिन प्रवासी श्रमिकों को एक बार फिर उनके हाल पर छोड़ दिया। क्या यही आपकी योजना है? नीतियां ऐसी हों जो सबका ख्याल रखें। गरीबों, श्रमिकों, रेहड़ी वालों को नकद मदद वक्त की मांग है। कृपया ये करिए।'
इससे पहले कोरोना संक्रमण की इस स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश प्रभारी व कांग्रेस की महाचिव प्रियंका गांधी ने पत्र लिखकर योगी सरकार से अपील की है कि प्रदेश में कई जगहों से ये खबर आ रही है कि कोविड मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने के लिए सीएमओ की अनुमति की आवश्यकता पड़ा रही है। प्रियंका गांधी ने पत्र में कहा है कि इस प्रक्रिया के चलते मरीजों को अस्पताल में भर्ती के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ रहा है और उनके परिजन एक जगह से दूसरी जगह भागदौड़ कर रहे हैं। इस व्यवस्था के चलते कई लोगों की जान भी चली गई है।
प्रियंका गांधी ने पत्र में कहा है कि इसी तरह की परिस्थिति ऑक्सीजन सिलिंडर के मामले में भी सामने आ रही है। ऑक्सीजन प्लांट्स और ऑक्सीजन फिलिंग केंद्रों पर बिना डीएम की अनुमति के किसी को ऑक्सीजन नहीं मिल रही है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि सरकार ने कहा है कि कोविड संक्रमित 'सामान्य मरीज' (नॉन-सिरियस मरीज) होम क्वॉरंटीन में रहें। प्रियंका ने कहा कि ये कदम सरकार ने ही सुझाया है। सरकार के पास आज यह क्षमता नहीं है कि सभी कोविड मरीजों को अस्पताल में रख सके। ऐसे में जो मरीज होम क्वारंटीन हैं, अगर उनकी तबियत खराब होती है और उन्हें ऑक्सिजन की जरूरत पड़ती है तो उन्हें ऑक्सिजन कहां से मिलेगी? अस्पतालों में ऑक्सीजन वाले बेड की पहले से ही कमी है। ऐसे में जो लोग घर पर रहकर कोविड का इलाज कर रहे हैं- उनके लिए आपके (योगी) प्रशासन का यह कदम बहुत घातक है।












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