यूपी में दलितों वोटरों में सेंधमारी के लिए पीएम मोदी का 17 का पंच
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सभी राजनैतिक दल अपनी तैयारियों में जुट गयी हैं। यूपी में धर्म, जाति और दलित वोटों को अपनी ओर साधने के लिए सभी पार्टियां जुट गयी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी में दलित वोटों की अहमियत को बेहतर समझते हैं और वह कोई भी ऐसा मौका नहीं छोड़ते हैं जिससे वह दलित वोटरों को अपनी ओर खींच सके।
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स्टैंड अप इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत के मौके पर पीएम ने दलित वोटरों को ध्यान में रखते हुए पूरे अभियान की शुरुआत की और इसे दलितों को समर्पित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम में सभी 17 दलित सांसदों की एक तरह से मंच पर लोगों के बीच परेड़ करा यह दिखाने की कोशिश कि कैसे वह दलितों को राजनीति में बढ़ावा दे रहे हैं।
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ये हैं 10 दलित सांसद
अंजू बाला सांसद मिश्रिख, अंशु वर्मा सांसद हरदोई, छोटेलाल सांसद राबर्ट्सगंज, भानु प्रताप सिंह वर्मा सांसद जालौन, राजेश कुमार दिवाकर सांसद हाथरस, अशोक कुमार दोहरे सांसद इटावा, कौशल किशोर सांसद मोहनलालगंज, कमलेश पासवान सांसद बासगांव, कृष्णा राज सांसद शाहजहांपुर, प्रियंका सिंह रावत सांसद बाराबंकी, विनोद कुमार सोनकर सांसद कौशांबी, नीलम सोनकर सांसद लालगंज, राम चरित्र निषाद सांसद मछलीशहर, सावित्री बाई फुले सांसद बहराइच, यशवंत सिंह सांसद नगीना, भोला सिंह सांसद बुलंदशहर
यूपी में दलितो वोटरों की काफी बड़ी संख्या है और यूपी में मायावती की पार्टी बीएसपी को दलितों की बड़ी पार्टी के रूप में देखा जाता है। ऐसे में पीएम मोदी के लिए दलित वोटरों को अपनी ओर खींचना बड़ी चुनौती होगी। यूपी में कुल 20 फीसदी दलित वोटर हैं।












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