LOCKDOWN का उल्लंघन करने पर सख्त हुई यूपी सरकार, अब तक 500 से ज्यादा FIR दर्ज
लखनऊ। जनता कर्फ्यू के दौरान प्रदेश में सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन यूपी के 16 जिलों में लॉकडाउन होने के बाद लोग सुबह से ही घरों से बाहर निकल आए। इस दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जनता से लॉकडाउन को गंभीरता से लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि, 'लोग घरों के अंदर रहें और स्वयं एवं अपने परिवार को बचाएं।' लेकिन जनता द्वारा लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर पुलिस को कमान संभालनी पड़ी। लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर पूरे यूपी में अब तक 500 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसमें सबसे ज्यादा 96 एफआईआर नोएडा में दर्ज की गई है।

एडीजी एलओ ने जारी किया कार्रवाई का ब्यौरा
प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान पुलिस की ओर से जारी कार्रवाई का ब्यौरा एडीजी एलओ पीवी रामाशास्त्री ने जारी कर दिया है। इसके मुताबिक, 16 जिलों में लॉकडाउन तोड़ने पर 500 एफआईआर दर्ज (Fir) हुई और वाहन लेकर निकलने वालों से 22,85,651 रुपए का जुर्माना भी वसूला गया। लॉक डाउन में 10754 वाहनों के चालान और 645 वाहन सीज़ किए गए। गाजियाबाद में सबसे ज्यादा 70, लखनऊ पुलिस कमिश्नरी में 56, नोएडा पुलिस कमिश्नरी में 96, अलीगढ़ में 3, आगरा में 22, मुरादाबाद में 27, मेरठ में 22, सहारनपुर में 16, बरेली में 4, पीलीभीत में 1, कानपुर नगर में 22, प्रयागराज में 17 और वाराणसी में 11 एफआईआर दर्ज हुई है।
जिले से बाहर जाने के लिए लेनी होगी अनुमति
प्रदेश सरकार ने बयान जारी कर कहा कि यूपी में दूध, सब्जी और फल की दुकानें दिन भर खुली रहेंगी। जबकि ग्रॉसरी की दुकानें दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक ही खुली रहेंगी। लॉकडाउन वाले जिले से बाहर जाना हो तो उसके लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।
इमरजेंसी सर्विस यूपी 112 के लिए 31.5 करोड़ किए जारी
कोरोना वायरस के संक्रमण के लगातार बढ़ रहे प्रभाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस की इमरजेंसी सर्विस यूपी 112 की जिम्मेदारी बढ़ गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी 112 के निर्बाध संचालन के लिए 31.5 करोड़ रुपए जारी किए हैं। यूपी 112 के एडीजी असीम अरुण के मुताबिक यूपी 112 में तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए ये धनराशि जारी की है। एडीजी के मुताबिक, इस रक़म में 9.5 करोड़ रुपए पीआरवी कर्मियों के मास्क, ग्लव्स, हैजमैट HAZMAT सूट के लिए हैं, जबकि 22 करोड़ रुपए डीज़ल, पेट्रोल टेक्नोलॉजी संबंधी व्यय के लिए हैं।












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