लखनऊ में 57 में से 13 ओवरब्रिज पर सफर नहीं है सुरक्षित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश को विकास की उंचाइयों पर ले जाने का जहां एक तरफ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव दम भर रहे हैं तो राजधानी लखनऊ के ज्यादातर फ्लाइओवर जर्जर हाल में अपना दम तोड़ रहे हैं। गोमती नदी पर बने आठ लेन फ्लाइओवर के डिवाइडर के आस पास के हिस्सों में गहरी दरार पड़ गयी है।
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जिसके बाद इसकी जांच शुरु की गयी, इसमें पाया गया कि 54 पुलों में से 13 फ्लाईओवर चलने लायक नहीं हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन पुलों पर चलना जान जोखिम में डालने जैसा है। शहर में कई पुलों के पियर के ब्रैकेट टूटे हैं तो कईयों की रेलिंग टूट गयी है। यही नहीं कई पुलों पर घास उग आने की वजह से पानी बहने का रास्ता बंद हो गया है। जिससे जरा से लापरवाही के चलते बड़े हादसे होने की संभावना बनी रहती है।
पॉलिटेक्निक चौराहे पर बने पुल में दरार आने के बाद लखनऊ के डीएम राजशेखऱ ने इन सभी पुलों की जांच के आदेश दिये थे। पुलों के अलावा अंडरपास और ओवरब्रिज की जांच शुरु की गयी। इसके लिए सेतु निर्माण निगम के दो एक्सपर्ट इंजीनियर की टीमें बनायी गयी हैं। इस टीम ने लखनऊ के पुलों की हालत पर गंभीर चिंता जतायी है और शहर के 57 पुलों में से 13 को खतरनाक बताया है।
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जिसके बाद पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, एलडीए और सेतु निगम के अधिकारियों की बैठक बुलायी गयी और इसकी वजह तलब की गयी। अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद डीएम ने इन्हें दो महीनें के भीतर सही कराने के निर्देश दिये हैं अन्यथा इनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।












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