Nawab Mir Jafar Abdullah: अदब-नफासत की पहचान, जिन्हें लखनऊ के बारे में सबकुछ पता था
Nawab Mir Jafar Abdullah: लखनऊ की अदब, नफासत के लिए जाने जाने वाले नवाब मीर जाफर का निधन हो गया है। वह ऐसी हस्ती थे जिनके दिल में लखनऊ बसता था। शायद ही ऐसी कोई जानकारी लखनऊ के बारे हो जो उन्हें ना पता हो।

Nawab Mir Jafar Abdullah Profile: लखनऊ की अगर बात हो तो नवाब मीर जाफर अब्दुल्ला का जिक्र किए बगैर चर्चा नहीं हो सकती है। नवाब मीर जाफर लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहर के पुरोधा थे।
मीर जाफर अब्दुल्ला नवाब वाजिद अली शाह के वंशज थे। लखनऊ की अदब, तहजीब, नफासत का नवाब मीर जाफर प्रतिनिधित्व करते थे। मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद उनके निधन से लखनऊ को एक बड़ी क्षति पहुंची है।
काफी पढ़े-लिखे थे नवाब मीर जाफर
नवाब साहब की बात करें तो उनका जन्म 17 मार्च 1951 को लखनऊ में ही हुआ था। उन्होंने लामार्टीनियर कॉलेज से इंटर तक की पढ़ाई की थी। इसके बाद वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में बीएससी ऑनर्स की पढ़ाई के लिए चले गए। बीएससी की डिग्री हासिल होने के बाद वह वापस लखनऊ विश्वविद्यालय में एलएलबी की पढ़ाई के लिए पहुंचे।
लखनऊ से जुड़ी हर जानकारी थी नवाब साहब को
नवाब मीर जाफर की तीन बेटियां हैं। नवाब साहब की बेगम परवीन जाफर का कुछ समय पहले ही निधन हो गया था। नवाब साहब को लखनऊ से जुड़े अनगिनत किस्से पता थे। लखनऊ के इतिहास के नवाब साहब काफी अच्छे जानकार थे। यहां के पकवान, रस्म-रिवाज, संस्कृति, विरासत की उन्हें काफी ज्यादा जानकारी थी।
लखनऊ की पहचान
नवाब साहब लखनऊ के हर बड़े कार्यक्रम में शिरकत करते थे। फिर वह लखनऊ महोत्सव हो या फिर कोई भी बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम। लखनऊ से जुड़ी चर्चा में टीवी के तमाम कार्यक्रमों में भी नवाब मीर जाफर नजर आते थे। वह इन कार्यक्रमों में काफी दिलचस्पी के साथ अपनी जानकारी को साझा करते थे। उनके अंदाज ए बयां का हर कोई मुरीद था। उनकी भाषा जबरदस्त थी।
कई फिल्मों में आए नजर
नवाब साहब को कई फिल्मों में भी देखा जा चुका है। उन्हें फिल्मों में काम करने का काफी शौक था। फिल्म गदर, गदर-2, गुलाबो सिताबो, इशकजादे, मैडम चीफ मिनिस्टर सहित कई फिल्मों में नजर आ चुके हैं। नवाब साहब की खासियत यह थी कि आधुनिक दौर में भी वह पुरखों की सुनहरी यादों को संजोकर रखते थे।
100 साल पुरानी हवेली में रहते थे
पुराने लखनऊ के चौक में नवाब साहब की सौ साल पुरानी हवेली है। इस हवेली की किस्से काफी लोकप्रिय हैं। तमाम विदेशी मेहमान से लेकर बड़ी हस्तियों ने यहां शिरकत की है। यहां रखी दुर्लभ वस्तुओं को देखने के लिए पर्यटक बड़ी दूर-दूर से आते थे। यही नहीं यहां रखे सामान पर एक डॉक्युमेंट्री तक बन चुकी है। नवाब साहब को हुक्के और पान का काफी शौक था।












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