मायावती ने कहा- प्रवासी मजदूरों से किराया वसूलना दुर्भाग्यपूर्ण, बसपा देगी थोड़ा योगदान
लखनऊ। कोरोना वायरस की वजह से देश भर में लॉकडाउन जारी है। इस बीच देश के विभिन्न राज्यों में फंसे दूसरे राज्यों के श्रमिकों को घर वापस लाने के लिए रेलवे श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। हालांकि, ट्रेन के किराए को लेकर राजनीति भी शुरू हो चुकी है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी प्रवासी श्रमिकों के रेल टिकट का खर्च उठाने की बात कही है। मायावती ने मंगलवार को कहा कि श्रमिकों से ट्रेनों और बसों का किराया देने में यदि सरकारें आनाकानी करती हैं तो फिर बसपा इसमें थोड़ा योगदान जरूर करेगी।

मायावती ने कहा- मजदूरों से किराया वसूलना दुर्भाग्यपूर्ण
मायावती ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, ''यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है कि केन्द्र व राज्य सरकारें प्रवासी मजदूरों को ट्रेनों व बसों आदि से भेजने के लिए, उनसे किराया भी वसूल रही हैं। सभी सरकारें यह स्पष्ट करें कि वे उन्हें भेजने के लिए किराया नहीं दे पाएंगी। बीएसपी की यह मांग है।'' एक अगले ट्वीट में मायावती ने कहा, ''ऐसी स्थिति में बीएसपी का यह भी कहना है यदि सरकारें प्रवासी मजदूरों का किराया देने में आनाकानी करती है तो फिर बीएसपी अपने सामर्थवान लोगों से मदद लेकर, उनके भेजने की व्यवस्था करने में अपना थोड़ा योगदान जरूर करेगी।''

मजदूरों से किराए वसूली को लेकर रेलवे ने दिया था जवाब
सोमवार को ही भारतीय रेलवे की ओर से कहा गया था कि मजदूरों को किराया नहीं देना होगा, उनका 85 फीसदी खर्च रेलवे उठाएगी और 15 फीसदी राज्य उठाएंगे। श्रमिकों को वापस लाने के लिए शनिवार से शुरू हुई रेलवे की कवायद सोमवार को किराए के झमेले में फंस गई है। मजदूरों से रेल किराया वसूले जाने की खबरों के बीच कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी का बयान सामने आया था कि कांग्रेस की राज्य कमेटियां वापस आए मजदूरों का पूरा पैसा देंगी।

अखिलेश ने कहा- गरीब विरोधी भाजपा का अंत शुरु
उधर, अखिलेश यादव ने भी इस मामले में भाजपा सरकार पर हमला बोला है। अखिलेश यादव ने कहा कि पूरे देश में भाजपाई ये कहते घूम रहे हैं कि सरकार ने मज़दूरों से टिकट के पैसे नहीं लिए हैं, जबकि देशभर में बेबस मज़दूर अपनी टिकट दिखा रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि अगर ये टिकट नहीं है तो क्या बंधक मज़दूरों को छोड़ने पर ली गई फिरौती की सरकारी रसीद है। अखिलेश ने कहा कि गरीब विरोधी भाजपा का अंत शुरु।












Click it and Unblock the Notifications