Lucknow News: घर से दूध लेने निकले बुजुर्ग को आवारा कुत्तों ने काटा, निगम चला रहा नसबंदी का अभियान
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को आवारा कुत्तों ने एक व्यक्ति पर हमला कर उसे जख्मी कर दिया। आनन फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया गया।

Dog bite incident in Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को जानकीपुरम इलाके में केंद्रीय विद्यालय के 78 वर्षीय सेवानिवृत्त प्राचार्य पर आवारा कुत्तों के एक झुंड ने कथित रूप से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। कुत्तों ने उसके हाथ का मांस नोच लिया। बताया जा रहा है कि पीड़ित व्यक्ति अपने घर से दूध खरीदने के लिए बाहर निकला था उसी समय आवारा कुत्ते ने उसपर हमला बोल दिया।
लखनऊ नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को क्षेत्र में एक टीम भेजी गई थी और पकड़े गए कुत्ते की नसबंदी की जाएगी। जानकीपुरम के सृष्टि अपार्टमेंट निवासी पीड़ित विनोद कुमार दीक्षित ने कहा कि घटना सुबह करीब छह बजे हुई जब वह अपने परिसर के बाहर दूध खरीदने गया था।
आवारा कुत्ते के हमले में घायल दीक्षित ने कहा कि,
जब मैंने एक कुत्ते को दूसरे व्यक्ति पर हमला करते हुए देखा, तो मैं उसकी सहायता के लिए दौड़ा और कुत्ते को दूर भगाने की कोशिश की और अपनी छड़ी से उस पर वार किया। सर्विस रोड पर गिट्टी लगी हुई थी जिसपर मैं फिसल कर गिर गया। इसके बाद आस-पास के कुत्तों ने मुझ पर हमला करना शुरू कर दिया।
दीक्षित ने बताया कि जिस क्षण मैं नीचे गिरा कुत्तों ने मेरे दाहिने हाथ से 2-3 इंच मांस काट लिया। वहीं दीक्षित की बेटी कंचन शुक्ला ने कहा, "चूंकि आसपास कोई नहीं था, इसलिए वह खुद को बचाकर अपार्टमेंट के गेट पर पहुंचे, जहां से उन्हें अस्पताल ले जाया गया। घाव इतना गहरा है कि हड्डियाँ दिखाई दे रही हैं। डॉक्टरों ने कहा है कि इसे ठीक होने में अभी और समय लगेगा। उनके बाएं पैर में भी कुछ खरोंचें आई हैं।
इस बीच, श्रृष्टि अपार्टमेंट के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य विवेक शर्मा ने कहा कि,
अगर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो हम निकाय चुनाव का बहिष्कार करेंगे।" ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखते हुए शर्मा ने सुझाव दिया कि राज्य में कई गौ आश्रयों की तर्ज पर डॉग शेल्टर भी स्थापित किए जाने चाहिए।
एलएमसी के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अभिनव वर्मा ने कहा कि शुक्रवार को एक टीम को इलाके में भेजा गया था और पकड़े गए कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। हम आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए कई अभियान चला रहे हैं। आवारा कुत्तों को रखने के लिए कोई बड़ी सुविधा नहीं है, जबकि हम आवारा कुत्तों को स्थानांतरित नहीं करने के कानून से भी बंधे हुए हैं।












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