Lucknow News: लखनऊ मेट्रो स्टेशन के पास मासूम बच्ची से दरिंदगी, मुठभेड़ में आरोपी को पुलिस ने किया ढेर
Lucknow News: राजधानी लखनऊ में इंसानियत को झकझोर देने वाली एक शर्मनाक वारदात सामने आई है। आलमबाग मेट्रो स्टेशन के पास फुटपाथ पर सो रही ढाई साल की बच्ची को दरिंदे ने उठा लिया और लिफ्ट के पास उसे दरिंदगी का शिकार बनाया।
सुबह जब बच्ची लहूलुहान हालत में मिली, तो माता-पिता के होश उड़ गए। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर बताई गई। इस जघन्य घटना के बाद शहर में गुस्से और खौफ का माहौल बन गया।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी की पहचान की। शुक्रवार तड़के मुठभेड़ के दौरान आरोपी को गोली लगी और उसे अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने उसकी पहचान दीपक वर्मा के रूप में की है।
सीसीटीवी फुटेज बना पुलिस की सबसे बड़ी कड़ी
सीसीटीवी फुटेज में आरोपी बच्ची को उठाता हुआ और लिफ्ट की ओर ले जाता हुआ दिखा। सफेद स्कूटी से आए इस युवक ने बच्ची को गलियारे में ले जाकर वारदात को अंजाम दिया और फिर फरार हो गया।
पुलिस ने 200 से ज्यादा कैमरों की जांच की और 5 टीमें गठित कर आरोपी की तलाश में जुट गईं। आखिरकार कैंट क्षेत्र में गन्ना संस्थान रोड पर उसकी मौजूदगी की जानकारी मिली।
मुठभेड़ में हुआ अंत, राहत की सांस
पुलिस ने शुक्रवार तड़के आरोपी को घेर लिया। वह भागने लगा और फायरिंग करने लगा। जवाबी फायरिंग में आरोपी को दो गोलियां लगीं। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित किया गया।
आरोपी के खिलाफ पहले भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस उसका पुराना रिकॉर्ड खंगाल रही है और अन्य सुराग इकट्ठा कर रही है।
पीड़िता को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम ने उसे पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में स्थानांतरित कर इलाज शुरू कर दिया है। भर्ती के समय बच्ची बेहद दर्द में थी।
डॉक्टरों के अनुसार बच्ची के निजी अंगों में गंभीर चोटें हैं, लेकिन इलाज के बाद अब स्थिति स्थिर है। ऑपरेशन की तैयारी की जा रही है और इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया जा रहा है।
200 मीटर में चार चौकियां, फिर भी वारदात!
आलमबाग मेट्रो स्टेशन से महज 200 मीटर के दायरे में चार पुलिस चौकियां हैं-चंदर नगर, एलडी, भिलावां और बस अड्डा। इसके बावजूद किसी भी चौकी को वारदात की भनक नहीं लगी।
स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों ने पुलिस की गश्त और सतर्कता पर सवाल उठाए हैं। राजधानी के भीड़भाड़ वाले इलाके में ऐसी चूक पर जनता बेहद नाराज दिखी।
बच्ची के नाना ने कहा कि उन्होंने ही बेटी और दामाद को उन्नाव से लखनऊ बुलाया था ताकि साथ में कबाड़ बीन सकें। अब वे इस फैसले को कोस रहे हैं और अस्पताल में फूट-फूटकर रोते नजर आए।
उनका कहना था कि अगर उन्होंने उन्हें न बुलाया होता, तो शायद यह दर्दनाक घटना नहीं घटती। पूरा परिवार सदमे में है और बच्ची की हालत को लेकर चिंतित है।
इस बारे में डीसीपी ने क्या कहा?
डीसीपी मध्य आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी की पहचान सीसीटीवी फुटेज से हुई। पिता की तहरीर पर पॉक्सो समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि आरोपी की तलाश में पांच टीमें गठित की गई थीं। पुलिस टीम उसे खोज रही थी। इसी बीच आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराया गया है।












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