कमलेश तिवारी हत्याकांड: गला रेतने वाला अशफाक हुसैन प्रतिष्ठित कंपनी में था एमआर
लखनऊ। हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या के दोनों आरोपियों शेख अशफाक हुसैन और मोइनुद्दीन खुर्शीद पठान को गुजरात एटीएस ने मंगलवार को राजस्थान-गुजरात सीमा पर शामलाजी के पास से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों अभियुक्तों ने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है।
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कमलेश का गला रेतने वाला एमआर था
पुलिस की जांच में सामने आया है कि अशफाक हुसैन एक प्रतिष्ठित कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) था। अशफाक ने ही कमलेश पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर बेरहमी से गला रेता था। वहीं, दूसरा अभियुक्त मोईनुद्दीन खुर्शीद पठान फूड डिलीवरी का काम करता था।एटीएस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों अभियुक्तों ने कमलेश की हत्या की बात कबूल कर ली है। अशफाक गुजरात के सूरत में लिंबायत स्थित ग्रीन व्यू अपार्टमेंट पद्मावती सोसायटी में रहता था, जबकि पठान मोइनुद्दीन सूरत के ही उमरवाड़ा में एक कॉलोनी का रहने वाला है।

भड़काऊ भाषण बने हत्या की वजह
गुजरात एटीएस की विज्ञप्ति के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने कमलेश तिवारी के 2015 में दिए गए भड़काऊ भाषण की वजह से वारदात को अंजाम दिया। यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने हत्या के दोनों मुख्य आरोपियों पर ढाई-ढाई लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। उन्होंने जल्द गिरफ्तारी का भी दावा किया था।

15 बार किया चाकू से हमला
बता दें, 18 अक्टूबर को लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की खबर के मुताबिक, कमलेश तिवारी की ऑटोप्सी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उनके ऊपर 15 बार चाकू से हमला किया गया था। इसके बाद उन्हें गोली मारी गई थी। कमलेश तिवारी की ऑटोप्सी करने वाले लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया है कि उनके सीने के बाईं और एक ही जगह पर चाकू के सात घाव मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चाकुओं से हमले के कारण कमलेश तिवारी के सीने में करीब 3 से 4 सेमी गहरा घाव बन गया। इसके अलावा उनके शरीर पर दो जगह चाकू से रेते जाने के घाव भी मिले हैं, जिनमें से एक घाव उनकी गर्दन पर मिला।












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