इतिहास में दूसरी बार Lucknow पहुंची Hockey World Cup की ट्रॉफी, 13 जनवरी से उड़ीसा में होगा शुभारम्भ
ओडिशा में 13 जनवरी, 2023 से मेंस हॉकी वर्ल्ड कप प्रतियोगिता का शुभारंभ हो रहा है। इससे पहले ट्रॉफी अपने देशव्यापी दौरे पर है। इसी कड़ी में रांची से चलकर यह ट्रॉफी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंची है।

भारत के ओलंपिक इतिहास में हॉकी को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। यही एक खेल है, जिसमें हमने राज किया। हॉकी में भारत ने अब तक 8 स्वर्ण पदक सहित कुल 12 मेडल अपने नाम किए हैं। ओडिशा में 13 जनवरी, 2023 से मेंस हॉकी वर्ल्ड कप प्रतियोगिता का शुभारंभ हो रहा है। इससे पहले ट्रॉफी अपने देशव्यापी दौरे पर है। इसी कड़ी में रांची से चलकर यह ट्रॉफी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंची है। साथ ही शहीद स्मारक पार्क पर फोटो सेशन आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में खेल निदेशक आरपी सिंह भी मौजूद रहे। राजधानी लखनऊ में 47 सालों के बाद हॉकी विश्व कप की ट्रॉफी लोगों के बीच ख़ूब उत्साह बिखेर रही है।

47 साल बाद विश्व कप ट्रॉफी पहुंची लखनऊ
ट्रॉफी के पहुंचने पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें खेल प्रेमियों में काफी उत्साह देखने को मिला। ट्रॉफी एयरपोर्ट से शहीद स्मारक पार्क पर गयी। वहां पर भव्य स्वागत के साथ फोटो सेशन किया गया। ट्रॉफी सैनिक स्कूल गयी, जहां पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके बाद विश्व कप ट्रॉफी खेल निदेशालय उप्र लखनऊ पहुंची, जहां पर उपनिदेशक खेल आर.एन. सिंह एवं एस.एस. मिश्रा ने ट्रॉफी का स्वागत किया। विश्वकप की ट्रॉफी सायं साढ़े तीन बजे खेल निदेशालय से परिवर्तन चौक होते हुए, शाम चार बजे के.डी. सिंह ''बाबू'' स्टेडियम लखनऊ ढोल नगाड़े के साथ पहुंची। केडी सिंह बाबू स्टेडियम में ट्रॉफी के अनावरण में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साथ ही सेंट जोजेफ ग्रुप द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन भी किया गया।

यूपी से हॉकी के खेल को काफी बढ़ावा मिलता है
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी अजय कुमार सेठी के अगुवाई में यह ट्रॉफी लखनऊ के शहीद स्मारक भी पहुंची जहां पर ढेरों युवा खिलाड़ियों ने इस ट्रॉफी का दीदार और स्वागत किया। इस मौके पर अजय कुमार सेठी ने बताया कि यह हमारा सौभाग्य है और हम गर्व महसूस कर रहे हैं कि यूपी में भी युवा खिलाड़ियों का हॉकी के प्रति उत्साह बढ़-चढ़कर देखने को मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि यूपी से हॉकी के खेल को काफी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि यह ट्रॉफी हम सबके लिए हमारी शान बान आन है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि लखनऊ के बाद यह ट्रॉफी पंजाब जाएगी जहाँ खिलाड़ियों का इस ट्रॉफी के माध्यम से उत्साहवर्धन और हॉकी हॉकी के प्रति प्रेम जागृत किया जाएगा। लखनऊ ट्रॉफी पहुंचने पर पर कई युवा हॉकी खिलाड़ी भी मौजूद रहे। उन्होंने गर्मजोशी से हॉकी विश्व कप ट्रॉफी का स्वागत किया।

1975 में पहली बार लखनऊ आई थी ट्रॉफी
ओडिशा में शुरू हो रहा पुरुष हॉकी विश्व कप 13 से 29 जनवरी तक चलेगा. यह ट्रॉफी 21 दिन के सफर में 13 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश से गुजरेगी. लखनऊ ने पहली बार इस ट्रॉफी का दीदार 1975 में किया था। मलेशिया में हुए विश्वकप में अजीत पाल सिंह की अगुवाई में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 2-1 गोल से हराकर विश्वकप जीता था।
उस समय स्पोर्ट्स काउंसिल के निदेशक केडी सिंह बाबू ने पूरी भारतीय टीम को लखनऊ बुलाया था। पूरी टीम का सेंट्रल स्टेडियम, जिसका नाम अब केडी सिंह बाबू स्टेडियम है, वहां सम्मान किया गया था। इसमें खिलाड़ियों को एक-एक स्कूटर उपहार में दिया गया था. विजयी गोल दागने वाले अशोक कुमार का सितारों की तरह स्वागत किया गया था।












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