उत्तर प्रदेश में Bird Flu की दस्तक पर बोले पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान, जल्दी ही पा लेंगे काबू
Bird Flu in Kanpur, कानपुर। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर जिले (Kanpur) में बर्ड फ्लू वायरस (Bird flu virus) का पहला सबसे खतरनाक केस सामने आ गया है। बर्ड फ्लू का केस सामने आने के बाद जू-प्रशासन के साथ ही साथ स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। तो वहीं, कानपुर प्रशासन ने जू को अगले आदेश तक बंद कर हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। साथ ही जू के बाहर नोटिस चस्पा कर पर्यटकों और मॉर्निंग वॉकर्स के आने पर रोक लगा दी गई है।

कानपुर जिले बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान का बयान सामने आया है। वन एवं पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा, बर्ड फ्लू के खतरे के बीच सबको सतर्क कर दिया है। पशुपालन विभाग इसमें काम कर रहा है। कानपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद सैनिटाइजेशन का काम किया जा रहा है। मुझे भरोसा है कि हम जल्दी ही बर्ड फ्लू पर काबू पा लेंगे।
दरअसल, कानपुर जूलॉजिकल पार्क (Kanpur Zoological Park) में दो दिन पहले चार मुर्गों की मौत हुई थी। जू-प्रशासन ने मुर्गों को पोस्टमॉटर्म के लिए भोपाल रिसर्च सेंटर भेजा था, जहां से शनिवार को रिपोर्ट आ गई। रिपोर्ट में एच-5 स्ट्रेन यानी बर्ड फ्लू का सबसे खतरनाक वायरस होने की पुष्टि हुई है। पुष्टि होने के बाद जू प्रशासन के साथ ही साथ स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। तो वहीं, कानपुर प्रशासन ने जू को अगले आदेश तक बंद कर हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
पक्षियों को दिए मारने के आदेश
कानपुर जूलॉजिकल पार्क में बने पक्षियों के बाड़ों को ढक दिया गया है। इसके साथ ही दवाओं के छिड़काव और साफ-सफाई का काम किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने एहतियातन चिडियाघर के बाड़ों में रखे गए सभी पक्षी मारने के आदेश दिए गए है। वहीं, एडीएम सिटी अतुल कुमार ने बताया कि चिड़ियाघर में मंगलवार रात दो तोतों और दो जंगली मुर्गों और बुधवार रात दो कड़कनाथ मुर्गों की मौत हो गई थी। इसके बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने बाड़े में मौजूद 6 मुर्गों को मरवा दिया और उन्हें वैज्ञानिक तरीके से जमीन में गाड़ दिया गया है।
जू के बाहर लगाया गया नोटिस
जू के बाहर नोटिस लगाया गया है। जिसमें लिखा है कि बर्ड फ्लू के कारण जू पर्यटकों और मॉर्निंग वॉकर्स के लिए बंद किया जा रहा है। जू अगले आदेशों तक बंद रहेगा। तो वहीं, पशुपालन विभाग के रोग नियंत्रण निदेशक डॉ. रामपाल सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बर्ड फ्लू गाइड लाइन के तहत अगले आदेश तक चिडि़याघर को बंद कर दिया गया है। फिलहाल चिडियाघर में कोई भी बाहरी नहीं जाएगा। स्टाफ भी पूरा एहतियात बरतेगा।
बर्ड फ्लू कंट्रोल रूम बना, नंबर जारी
डीएम के साथ बैठक के बाद सीएमओ डॉ. अनिल मिश्रा ने जानकारी दी कि उर्सला अस्पताल स्थित कोरोना कंट्रोल रूम में बर्ड फ्लू कंट्रोल रूम भी बना दिया गया है। इसका नोडल अफसर एसीएमओ डॉ. सुबोध प्रकाश को बनाया गया है। जनता से अपील की है कि कहीं भी मरे हुए पक्षी दिखें तो उन्हें छुएं नहीं। तत्काल बर्ड फ्लू कंट्रोल रूम या पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दें।
नोडल अफसर का मोबाइल नंबर : 9838340355
कंट्रोल रूम का नंबर : 05122333810
ये हैं बर्ड फ्लू के लक्षण
सिर आगे और पैर पीछे की तरफ फैल जाना, सांस लेने में ज्यादा दिक्कत होना, पंखों का अधिक गिरना, अंडे के उत्पादन में कमी आना, सिर और मुंह का अचानक फूल जाना, टांगों में खून के चकते जमना भी इसके लक्षण हैं।
ये रखें सावधानी
कच्चे चिकन को रसोई में जहां रखें, वहां से अन्य खाद्य सामानों को हटा दें। बर्तनों को अलग रखें, चिकन को धोते समय मास्क और ग्लव्स पहनें। किचन को पूरी तरह से डिसइन्फेक्ट करें। हाफ कुक्ड चिकन, फिश या मीट न खाएं।












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