प्रसिद्ध कवि गोपालदास बोले राजनीति कर रहे हैं साहित्यकार
लखनऊ। कई साहित्यकार देश के सांप्रदायिक माहौल का हवाला देकर साहित्याकर अवार्ड लौटा रहे है। साहित्यकारों के इस रवैये पर प्रसिद्ध कवि गोपालदास नीरज ने निशाना साधा है।

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गोपालदास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करते हुए कहा कि जो लोग पुरस्कार लौटा रहे हैं वो झूठ बोल रहे हैं। यह सब प्रधानमंत्री को बदनाम करने के लिए हो रहा है। गोपालदास ने कहा कि साहित्य सत्य की उपासना है, इसलिए ये सब करना सरासर गलत है।
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उत्तर प्रदेश के भाषा संस्ता के अध्यक्ष गोपालदास ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि साहित्यकार पीएम के खिलाफ राजनीति कर रहे हैं। ये वो लोग हैं जिन्हें कांग्रेस की सरकार में पुरस्कार मिला था और कांग्रेस इन कवियों से यह सब करवा रही है।
गोपालदास ने साहित्यकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ ही लोगों ने पुरस्कार राशि को लौटाया है। उन्होंने कहा इन साहित्यकारों ने पेंशन क्यों नहीं लौटायी। ये साहित्यकार झूठ बोल रहे हैं, अगर विरोध करना है तो कविता लिखें और कथा लिखें।
गोपालदास ने कहा कि पीएम ने कभी खुद तो सांप्रदायिक बयान दिये नहीं। आपातकाल के दौरान मैंने अपनी लेखनी के जरिए सत्ता का विरोध किया था। सच्चे मायने में साहित्यकार का यही सबसे बड़ा हथियार होता है।
गोपालदास ने गाय पर हो रही राजनीति का विरोध करते हुए कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। इससे सारे विवाद खुद बखुद समाप्त हो जाएगा।












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