Doraemon Safety Tips से बची 6 साल के बच्चे की जान, लखनऊ में बिल्डिंग गिरने के बाद हुआ चमत्कार !
भूकंप से बचाव की तकनीक एक 6 साल के बच्चे की जान बचाने में मददगार साबित हुई है। मामला उत्तर प्रदेश के उत्तर प्रदेश का है।

Doraemon Safety Tips एक बच्चे की जान बचाने में सफल रहा। एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बिल्डिंग हादसे के बाद भूकंप की Safety Tips से एक बच्चे की जान बची। रिपोर्ट के मुताबिक पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद फंसा बच्चा कार्टून कैरेक्टर डोरेमॉन की सिखाई तकनीक के सहारे अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। जिस बच्चे ने अपनी जान बचाई उसकी पहचान सपा प्रवक्ता अब्बास हैदर का 6-वर्षीय बेटे मुस्तफा के रूप में हुई है।

कार्टून कैरेक्टर डोरेमॉन ने बचाया !
एक रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ में बिल्डिंग ढहने के बाद मलबे में कई लोग दबे। रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाए गए लोगों में एक 6 साल का बच्चा भी शामिल रहा। सपा प्रवक्ता अब्बास हैदर का 6-वर्षीय बेटा मुस्तफा कार्टून कैरेक्टर डोरेमॉन को देखकर खुद को बचाने में कामयाब रहा।

डोरेमॉन ने क्या सिखाया
एक रिपोर्ट के मुताबिक सपा नेता मुस्तफा ने बताया कि बिल्डिंग गिरने से ठीक पहले उनके बच्चे को ऐसा फील हुआ कि भूकंप आया है। मुस्तफा ने बताया मैं डर गया था लेकिन मुझे कार्टून शो 'डोरेमोन'...याद आया जिसमें...भूकंप से बचना सिखाया गया था। इसलिए मैं बेड के नीचे छिप गया।

बहुमंजिला इमारत गिरने से हड़कंप
बता दें कि लखनऊ में बहुमंजिला इमारत गिरने के दो दिन बाद दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि बचाव कार्य अभी भी जारी है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता का बेटे का इलाज एसपीएम सिविल अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए, छह वर्षीय मुस्तफा ने कहा कि जब पांच मंजिला अलाया अपार्टमेंट हिल रहा था तो उसने बिस्तर के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई।

भूकंप में सेंट्रल कैरेक्टर नोबिता ने क्या किया
6 साल के जीनियस मुस्तफा बताते हैं कि उन्हें भूकंप के समय क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए ? बकौल मुस्तफा, मैं डर गया था लेकिन मुझे कार्टून शो 'डोरेमोन' का एक एपिसोड याद आया जिसमें सेंट्रल कैरेक्टर नोबिता को भूकंप के दौरान कोनों में या बिस्तर के नीचे शरण लेकर खुद को बचाने के बारे में सिखाया गया था।

मुस्तफा को कुछ भी याद नहीं
डोरमॉन से इंस्पायर 6 साल के लड़के ने बताया कि उसने अपनी मां को दौड़ते हुए देखा। मुस्तफा ने कहा, देखते ही देखते पूरी इमारत ढह गई और चारों तरफ अंधेरा छा गया। मुस्तफा के पिता, अब्बास हैदर, जो समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता हैं। उन्होंने बताया कि घटना के समय घर में नहीं थे। उन्होंने कहा कि मुस्तफा को कुछ भी याद नहीं आ रहा है कि उसके बाद क्या हुआ, लेकिन देखा कि कुछ अजनबी उसे कहीं ले जा रहे हैं।

मुस्तफी की मां और दादी की मौत
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मुस्तफा के दादा, अमीर हैदर, एक अनुभवी कांग्रेस नेता, इस घटना में बच गए और वर्तमान में उसी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। इस घटना में मरने वालों में मुस्तफा की 30 वर्षीय मां उज्मा हैदर और उनकी दादी बेगम हैदर शामिल हैं। बुधवार को अलाया अपार्टमेंट के बिल्डर के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास), 420 (धोखाधड़ी), 120 बी (आपराधिक साजिश) और आपराधिक धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।












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