यूपी में कोरोना वायरस टेस्टिंग फीस में 900 रुपए की कटौती, गुरुवार को मिले 7042 नए मरीज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्राइवेट लैब्स में कोरोना वायरस की आरटीपीसीआर टेस्टिंग की फीस 2500 से घटाकर 1600 रुपए कर दी गई है। आरटीपीसीआर टेस्टिंग किट्स की कीमतें कम हुई हैं जिसको देखते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने 10 सितंबर से फीस में 900 रुपए की कटौती कर दी है। इसके अलावा ट्रूनाट टेस्ट कराने की भी अधिकतम फीस राशि 1600 रुपए फिक्स कर दी गई है। देश के अंदर कोरोना वायरस टेस्टिंग किट्स का उत्पादन शुरू होने के बाद इसकी उपलब्धता बढ़ी है और इसकी कीमत में कमी हुई है। कोरोना टेस्टिंग कराने के लिए डॉक्टर की पर्ची की जरूरत नहीं होगी।

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले में प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है। गुरुवार को 24 घंटे में 7042 नए मरीजों का पता चला है। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद के मुताबिक, प्रदेश के 66,317 मरीजों में यह वायरस एक्टिव है। 2,21,506 लोग ठीक होकर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो चुके हैं। रिकवरी रेट 75.85 प्रतिशत है। गुरुवार को प्रदेश में 1,49,311 सैंपल्स की जांच की गई। उन्होंने प्राइवेट लैब्स की कोरोना टेस्टिंग फीस 1600 रुपए किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि जो भी इससे ज्यादा कीमत वसूलता पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रदेश में अनलॉक की समीक्षा करते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा आरटीपीसीआर और रैपिड एंटीजन टेस्ट किए जाएं। प्रदेश में फिलहाल प्रतिदिन हो रही करीब डेढ़ लाख की टेस्टिंग पर उन्होंने संतोष जताया। मुख्यमंत्री ने संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग पर जोर देते हुए प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर का विशेष ध्यान रखने को कहा और वहां चिकित्सा व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए। कुंभ के वक्त बने प्रयागराज के इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर को कोविड कमांड सेंटर के तौर पर उपयोग करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि कोविड अस्पतालों में बेड की क्षमता बढ़ाते हुए मैनपावर को भी बढ़ाया जाय। मुख्यमंत्री ने सचिवालय में प्रवेश पत्र के आधार पर एंट्री देने की व्यवस्था को सख्त करने को कहा।












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