यूपी में संक्रमित मरीजों की संख्या 773 पहुंची, पीलीभीत के बाद महराजगंज हो सकता है 'कोरोना मुक्त'
लखनऊ। भारत में कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश में भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 773 हो गई है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि महराजगंज जिले के 6 केस के टेस्ट निगेटिव आए हैं। अभी दूसरा टेस्ट होना बाकी है। आशा है कि महराजगंज जिला आने वाले समय में कोरोना फ्री हो जाएगा।

लॉकडाउन के उल्लंघन पर 19 हजार से ज्यादा एफआईआर
अवनीश अवस्थी ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 19000 से ज्यादा एफआईआर दर्ज कर 60,258 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। 17 लाख 77 हजार वाहनों की चेकिंग हुई है और 7 करोड़ से ज्यादा शमन शुल्क वसूले गए हैं। कालाबाजारी और जमाखोरी में 424 एफआईआर दर्ज की गई हैं। फेक न्यूज पर भी कार्रवाई जारी है। महराजगंज जिले के 6 केस के टेस्ट निगेटिव आए हैं। लखनऊ सदर क्षेत्र में संदिग्धों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इस मामले में लखनऊ पुलिस-प्रशासन ने अच्छा काम किया है।

तीन चरणों में बांटे गए हॉटस्पॉट
उन्होंने बताया कि हाॅटस्पाॅट्स को तीन चरणों में बांट दिया गया है। प्रथम चरण में 178 हाॅट स्पाॅट, द्वितीय चरण में 84 हाॅट स्पाॅट और तृतीय चरण में 07 हाॅट स्पाॅट चिन्हित किए गए हैं। तबलीगी जमात के एक-एक व्यक्ति का विवरण लेकर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। ऐसे लोग, जिन पर FIR दर्ज है, उन्हें अस्थाई जेलों में रखने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए जा रहे हैं। कई जनपदों में लॉकडाउन में लापरवाही की सूचना मिल रही हैं। लापरवाही करने पर सम्बंधित थानों के पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

संक्रमण को छिपाने वालों पर होगी कार्रवाई
अवनीश अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस के संक्रमण को छिपाने और संक्रमित व्यक्तियों को प्रश्रय देने वाले लोगों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। भारत सरकार के निर्देशानुसार विभिन्न गतिविधियों का संचालन अनुमन्य किया जा रहा है। भारत सरकार की व्यवस्था के क्रम में प्रदेश में प्रारम्भ किए जाने वाले कार्यों व गतिविधियों के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाएंगी। केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए नियमों को लेकर आज शासनादेश जारी हो जाएगा। सभी जिलाधिकारी 20 अप्रैल के पहले ही अनुमन्य गतिविधियों की समीक्षा करके कार्रवाई सुनिश्चित कर लें।

'होम क्वारंटाइन' किए गए लोगों की होगी मॉनिटरिंग
उन्होंने कहा कि क्वारंटाइन अवधि पूरी करने के बाद ‘होम क्वारंटाइन' के लिए घर भेजे जा रहे सभी लोगों की सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से नियमित माॅनिटरिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने टेली-मेडिसिन के माध्यम से भी लोगों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले के चिन्हित अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं सक्षम स्तर से अनुमति के बाद ही संचालित होंगी। इमरजेंसी सेवाओं के संचालन के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।












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