उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अखिलेश और शिवपाल यादव के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगी कांग्रेस, आखिर क्यों?
उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। चुनावों से ऐन पहले कांग्रेस पार्टी ने घोषणा की है कि वह अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के खिलाफ कोई उम्मीवार नहीं उतारेगी।
लखनऊ, 1 जनवरी। उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। चुनावों से ऐन पहले कांग्रेस पार्टी ने घोषणा की है कि वह अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के खिलाफ कोई उम्मीवार नहीं उतारेगी। कांग्रेस के इस फैसले पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या कांग्रेस इतनी कमजोर हो गई कि उसे अखिलेश और शिवपाल यादव के खिलाफ कोई उम्मीदवार ही नहीं मिल रहा, लेकिन कांग्रेस पार्टी का कहना है कि उसने शिष्टाचार के तौर पर यह फैसला किया है।

दरअसल यह शिष्टाचार दोनों ही पार्टियों की ओर से देखने को मिलता है। बता दें कि संसदीय चुनावों में समाजवादी पार्टी अमेठी और रायबरेली से सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारती है। साल 2017 में दोनों पार्टियों ने भाजपा को हराने के लिए गठबंधन में चुनाव लड़ा था, लेकिन मोदी लहर सब कुछ बहा ले गई। साल 2017 के चुनाव परिणाम को देखते हुए ही शायद दोनों पार्टियों ने इस बार गठबंधन नहीं किया है।
करहल से पहली बार चुनाव लड़ेंगे अखिलेश
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अखिलेश यादव पहली बार करहल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, यह सीट उनके पिता मुलायम सिंह यादव के गढ़ मैनपुरी संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आती है। भाजपा ने उनके खिलाफ केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल को मैदान में उतारा है।
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मैनपुरी किसी का गढ़ नहीं
बता दें कि एसपी सिंह बघेल ने अपनी राजनीतिक पारी सपा के साथ ही शुरू की थी। उन्हें मुलायम सिंह यादव का बेहद करीबी माना जाता था। नामांकन करते समय एसपी सिंह बघेल ने कहा था कि मैनपुरी किसी का गढ़ नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं अपनी पूरी ताकत से लड़ूंगा...मैंने कन्नौज, फिरोजाबाद और इटावा (समाजवादी गढ़) को गिरते देखा है।'
भाजपा को हराने के लिए चाचा शिवपाल हुए साथ
वहीं, अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव की बात करें तो साल 2017 के चुनावों से पहले पारिवारिक मतभेदों के कारण उन्होंने सपा से किनारा कर अलग पार्टी बना ली थी, लेकिन इस बार उन्होंने भाजपा को टक्कर देने के लिए अखिलेश यादव के अतरंगी गठबंधन में शामिल होना बेहतर समझा है। शिवपाल यादव इटावा के जसवंत नगर से चुनाव लड़ेंगे। इस सीट पर मुलायम सिंह यादव के परिवार का दबदबा रहा है। वहीं, मायावती ने दोनों नेताओं के खिलाफ दलित उम्मीवार उतारने की घोषणा की है।












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