श्रवण साहू हत्याकांड : IPS मंजिल सैनी की बढ़ी मुश्किलें, CBI ने पाया लापरवाही का दोषी

लखनऊ, 19 अप्रैल: लखनऊ के बहुचर्चित श्रवण साहू हत्याकांड में तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 2017 में हुए श्रवण साहू हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने मंजिल सैनी को काम में लापरवाही का दोषी माना है। सीबीआई ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर मंजिल सैनी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।

क्या है पूरा मामला ?

क्या है पूरा मामला ?

1 फरवरी 2017 को लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले तेल कारोबारी श्रवण साहू (62) की हत्या उनके घर में घुसकर कर दी गई थी। श्रवण अपने बेटे के हत्यारों के खिलाफ कोर्ट में लड़ रहे थे। श्रवण के बेटे आयुष साहू की भी 2016 में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में श्रवण एकलौते गवाह थे। वहीं, पुलिस की भूमिका भी इस केस में संदिग्ध पाई गई थी। बेटे की हत्या के एकलौते गवाह श्रवण साहू को लगातार धमकियां मिल रही थीं, उन्होंने लखनऊ की तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी से सुरक्षा की गुहार भी लगाई थी, लेकिन उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई। नतीजा ये हुआ कि श्रवण साहू की बदमाशों ने उनके घर के अंदर घुसकर ही गोली मारकर हत्या कर दी।

मंजिल सैनी ने मानी थी चूक, सीबीआई ने की थी पूछताछ

मंजिल सैनी ने मानी थी चूक, सीबीआई ने की थी पूछताछ

लखनऊ की एसएसपी रहीं मंजिल सैनी ने श्रवण साहू की हत्या के बाद दुख जाहिर करते हुए इसे पुलिस की गंभीर चूक माना था। राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई ने 11 अगस्त 2017 को मंजिल सैनी से लंबी पूछताछ भी की थी। पूछताछ के दौरान श्रवण साहू को सुरक्षा प्रदान किए जाने में हुई लापरवाही को लेकर सैनी ने अधीनस्थ अधिकारियों को दोषी बताया था। उन्होंने सीबीआई अधिकारियों को बताया था कि पुलिस लाइन के तत्कालीन प्रतिसार निरीक्षक शिशुपाल सिंह को उन्होंने श्रवण साहू को सुरक्षा प्रदान कराने का मौखिक आदेश दिया था, लेकिन प्रतिसार निरीक्षक ने उसका पालन नहीं किया। सीबीआई ने श्रवण साहू के बेटे आयुष की हत्या के बाद श्रवण साहू के खिलाफ फर्जी एफआइआर दर्ज किए जाने को लेकर भी उनसे सवाल-जवाब किए थे।

2005 बैच की IPS अधिकारी हैं मंजिल सैनी

2005 बैच की IPS अधिकारी हैं मंजिल सैनी

बता दें, मंजिल सैनी 2005 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। सैनी पदोन्नति पाकर डीआइजी हो चुकी हैं और वह वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इन दिनों उनकी तैनाती राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) में है।

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